सूक्ष्म यौगिक व्यायाम से शरीर हो सकता है रोगमुक्त-योगी प्रवीण आर्य*

*महिला योग शिविर कम्पनी बाग़ घंटाघर*

*सूर्य नमस्कार से विशुद्धि चक्र,पाचन तंत्र प्रभावित होता है,एनर्जी लेवल बढ़ता है -वीना वोहरा*

गाजियाबाद,रविवार,29 जून 2025 को अखिल भारतीय ध्यान योग संस्थान कंपनी बाग,घंटाघर कक्षा द्वारा आयोजित महिला योग शिविर के सत्र का शुभारम्भ योगी प्रवीण आर्य ने ओ३म् की ध्वनि एवं गायत्री मंत्र से किया।उन्होंने शिविरार्थिओं को विरेचन क्रिया,आर्ट ऑफ लिविंग भस्रिका हाथों,पैरों,गर्दन एवं आँखों के सूक्ष्म व्यायाम कराये तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने,हार्ट को मजबूत करने की क्रियायें कराई और इसके लाभोँ की चर्चा करते हुए बताया कि सूक्ष्म व्यायाम योग व प्राणायाम का राजा है।

योग में सूक्ष्म व्यायाम का काफी महत्व है,मानव शरीर के प्रत्येक जोड़ में लचीलेपन का होना आवश्यक है,आज के आधुनिक जीवनशैली में जहां एक तरफ व्यक्ति अपने कार्य में घिरा हुआ है,वही तनाव भरे हुए इस माहौल में अगर प्रत्येक व्यक्ति अपने दिनचर्या में सूक्ष्म यौगिक व्यायाम का अभ्यास करें तो व्यक्ति का शरीर रोगमुक्त हो सकता है।उन्होंने शवासन में एक गीत हंँसते मुस्कुराते हुए जिंदगी गुजरिये,सुनाकर माहौल को खुशनुमा कर दिया।

संस्थान की वरिष्ठ योग शिक्षिका वीना वोहरा ने सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया और लाभों की चर्चा करते हुए बताया कि सूर्य में तेज व उजाला होता है,प्रभु हमारे अंदर तेज आ जाये,हमारे अन्दर से अज्ञानान्धकार निकल जाए।इससे विशुद्धि चक्र,पाचन तंत्र प्रभावित होता है,स्मृति शक्ति बढ़ती है,यदि चश्मा लगा है तो चश्में का न.कम होता है,हार्ट मजबूत होता है, बॉडी का ग्रोथ व हाइट बढ़ती है,स्वास्थ्य अच्छा होताहै,आदतें सुधरती हैं,एनर्जी लेवल बढ़ता है,फिर शव आसान में विश्राम करने से ऊर्जा ऊष्मा पूरे शरीर मे समाहित होती है।उन्होंने सिंह गर्जना,श्वान क्रिया, मार्जरी आसान,कपाल शोधन,त्रिबंध, अग्निसार,अनुलोम विलोम,भ्रामारी एवं कर्णरोगान्तक प्राणायाम का अभ्यास कराया।

मंच संचालक उमेश कुमार वर्मा ने आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

शन्तिपाठ एवं वैदिक प्रार्थना से सत्र संपन्न हुआ।

इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वश्री मोती राम, बनवारी लाल,प्रदीप गुप्ता, मिडिया प्रभारी गौरव सैनी,योग शिक्षिका निशा, ब्रजरानी,नीलम, सुशीला,हीरा देवी,सुमन भारती एवं सुधा गर्ग आदि उपस्थित रहे।

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