कानूनी दक्षता और निष्पक्षता की मिली महत्वपूर्ण मान्यता
कुलदीप सिंह
लखीमपुर खीरी।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा झंडी स्टेट के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व विधायक ठाकुर करन सिंह के परपौत्र अजय सिंह के पुत्र, अधिवक्ता उत्कर्ष सिंह को एमिकस क्यूरी (Amicus Curiae) के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 15 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में दी गई।
सर्वोच्च न्यायालय ने यह नियुक्ति विशेष अनुमति याचिका (सिविल) संख्या 33537/2025 में की है, जो कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के निर्णय से उत्पन्न हुई थी। इस मामले में अधिवक्ता उत्कर्ष सिंह को निःशुल्क (प्रो बोनो) आधार पर न्यायालय की सहायता के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति माननीय न्यायमूर्ति संजय करोल एवं माननीय न्यायमूर्ति नोंगमेकापम कोटिस्वर सिंह की खंडपीठ द्वारा की गई। पीठ ने न्यायहित में न्यायालय की सहायता के लिए अधिवक्ता उत्कर्ष सिंह की कानूनी योग्यता, निष्पक्षता और पेशेवर निष्ठा पर विश्वास व्यक्त किया।
एमिकस क्यूरी के रूप में अधिवक्ता उत्कर्ष सिंह को न्यायालय को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष विधिक सहायता प्रदान करने, असप्रतिनिधि पक्षकारों को उनके विधिक अधिकारों से अवगत कराने, विधिक सेवा प्राधिकरणों के साथ समन्वय स्थापित करने तथा निजी अधिवक्ता की नियुक्ति होने के बाद भी न्यायालय की सहायता जारी रखने का दायित्व सौंपा गया है।
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्ति उन्हीं अधिवक्ताओं को दी जाती है, जिनकी विधिक समझ, नैतिक आचरण और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता पर न्यायालय को पूर्ण विश्वास होता है। यह नियुक्ति अधिवक्ता उत्कर्ष सिंह की पेशेवर दक्षता और विधिक निष्पक्षता का महत्वपूर्ण प्रमाण मानी जा रही है।
यह उपलब्धि न केवल अधिवक्ता उत्कर्ष सिंह की विधि जगत में प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करती है, बल्कि कानून के शासन और न्याय तक समान पहुंच के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।



