चौधरी चरण सिंह की जयंती राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में मनाई गई

समाजवादी कार्यालय में गोष्ठी आयोजित, किसानों के मसीहा को किया नमन

कुलदीप सिंह
लखीमपुर खीरी।

किसानों के मसीहा और देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती बुधवार को शहर स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय लोहिया भवन में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनकी जयंती को राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में मनाते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

जयंती के अवसर पर आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष रामपाल सिंह यादव ने की। उन्होंने चौधरी चरण सिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चौधरी साहब दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए सदैव किसान, मजदूर और आमजन के हितों को सर्वोपरि रखा।

रामपाल सिंह यादव ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने अपने प्रशासन में भाई-भतीजावाद, अक्षमता और भ्रष्टाचार को कभी बर्दाश्त नहीं किया। उत्तर प्रदेश में भूमि सुधार का पूरा श्रेय उन्हें जाता है। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने जोत अधिनियम 1960 को लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसका उद्देश्य भूमि की अधिकतम सीमा तय कर उसे पूरे प्रदेश में समान रूप से लागू करना था।

उन्होंने कहा कि देश के राजनीति इतिहास में चौधरी चरण सिंह उन गिने-चुने नेताओं में शामिल रहे जिन्होंने अत्यंत सरल और सादा जीवन जीते हुए जनता के बीच रहकर लोकप्रियता हासिल की। उनकी ईमानदारी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके निधन के समय उनके बैंक खाते में मात्र 470 रुपये थे। किसानों के हित में किए गए उनके कार्य सदैव याद किए जाते रहेंगे।

गोष्ठी का संचालन जिला महासचिव अंसार महलूद ने किया। गोष्ठी को पूर्व एमएलसी शशांक यादव, पूर्व विधायक रामसरन, मिर्जा शेखू और रियाजुल्ला खां ने भी संबोधित करते हुए चौधरी चरण सिंह के योगदान को याद किया।

इस अवसर पर आनंद पटेल, शिवराज वाल्मीकि, प्रख्याति खरे, अमित वर्मा, दीपक रस्तोगी, संजीव वर्मा, आरती सिंह जनवार, रविशंकर वर्मा, फैसल खान, मजिस्टर यादव, पिंकी सक्सेना, शौर्य वर्धन गुप्ता, तारिक अहमद, धर्मदत्त तिवारी उर्फ कुनाल, रामनिवास निषाद, मनोज कुमार, कल्लू खां सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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