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स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता के लिए भेदभाव को त्यागने की अपील – सुषमा सिंह

मकर संक्रांति पर महादलित बस्ती में आयोजित खिचड़ी भोज ने समाज में समानता की भावना को बढ़ावा दिया

बिहारीगंज।

मधेपुरा जिले के बिहारीगंज प्रखंड अन्तर्गत मधुकरचक पंचायत स्थित महादलित बस्ती भित्ता टोला में बुधवार को मकर संक्रांति के अवसर पर एक विशेष आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में पंचायत की मुखिया सुषमा सिंह और समाजसेवी वीरेन्द्र सिंह द्वारा खिचड़ी और दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। यह आयोजन खासतौर पर समाज में जाति-भेद को समाप्त करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था।

समाजसेवी वीरेन्द्र सिंह ने अपने संबोधन में मकर संक्रांति के महत्व को समझाते हुए बताया कि खिचड़ी केवल एक पारंपरिक भोजन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से जाति-भेद की भावना समाप्त होती है और समाज में समानता की भावना मजबूत होती है।

मुखिया सुषमा सिंह ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय संस्कृति में सहभोज की परंपरा आदिकाल से चली आ रही है, जो एकता और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि पर्व और त्योहारों के माध्यम से समाज में भेदभाव को त्यागने और एक स्वस्थ और समान समाज की स्थापना की दिशा में काम करना चाहिए।

इस अवसर पर आशीष कुमार झा, उपाध्यक्ष हीरा झा, समाजसेवी मनचन सिंह, ज्ञानचंद ऋषिदेव, संजय कुमार यादव, जितेन्द्र सिंह, उपमुखिया फेकन यादव, टुनटुन यादव, बबलू दास सहित कई अन्य समाजसेवी और स्थानीय लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और इसे सामाजिक समरसता के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।

कार्यक्रम ने समाज में एकता की भावना को बढ़ावा दिया और यह संदेश दिया कि हमें भेदभाव और असमानता को समाप्त करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।


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