संत चरणों में बैठकर साधना करने से हर अपराध हो जाता है क्षमायोग्यः स्वामी श्री सुशांतानंद गिरि जी महाराज

महाराज ने राजा परीक्षित को श्रृंगि ऋषि द्वारा श्राप देने का प्रसंग सुनाया मन्नू शर्मा पराशर…