दैनिक समाज जागरण 17.04.2026 चांद कुमार लायेक (ब्यूरो चीफ) पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर
जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे जंक्शन पर लगातार हो रही ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर स्थित कार्यालय में आयोजित रेल यात्री संघर्ष समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह ने की, जबकि विधायक सरयू राय की विशेष उपस्थिति रही।
बैठक में ट्रेनों की देरी को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर समिति ने स्पष्ट रूप से निर्णय लिया कि चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम से यह पूछा जाएगा कि आखिर यह व्यवस्था किसके निर्देश पर लागू की गई है। यदि यह निर्णय डीआरएम स्तर पर लिया गया है तो उन्हें इसका कारण बताना होगा, और यदि यह रेलवे के महाप्रबंधक के निर्देश पर है तो इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
बैठक में यह भी कहा गया कि यात्री ट्रेनों की समय सारणी निर्धारित होती है, जबकि मालगाड़ियों के लिए कोई तय समय नहीं होता। ऐसे में सवाल उठता है कि सीमित रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद मालगाड़ियों की अधिकता क्यों बढ़ाई जा रही है। समिति ने इसे यात्रियों के साथ अन्याय करार दिया और कहा कि इस संबंध में जल्द ही एक शिष्टमंडल डीआरएम को ज्ञापन सौंपेगा। इसके साथ ही ज्ञापन की प्रतिलिपि रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और संबंधित महाप्रबंधक को भी भेजी जाएगी।
रेल यात्री संघर्ष समिति ने आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत विभिन्न रेलवे स्टेशनों—टाटानगर, आदित्यपुर, गोविंदपुर, सलगाजुड़ी, कांड्रा और गम्हरिया—पर यात्रियों से हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। समिति के कार्यकर्ता स्टेशनों पर मौजूद रहकर यात्रियों से ट्रेनों की लेटलतीफी के संबंध में फीडबैक लेंगे। इसके अलावा ट्रेन के अंदर जाकर भी यात्रियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को दर्ज किया जाएगा।
बैठक में यह भी मुद्दा उठा कि एक ओर रेलमंत्री यात्रियों की सुविधाओं की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ रही है। ट्रेनों का घंटों लेट चलना यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। समिति ने सवाल उठाया कि क्या यह स्थिति यात्रियों के हित में है और क्या संबंधित अधिकारी रेलमंत्री के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
समिति के सदस्यों ने बताया कि पिछले 10 दिनों से जारी धरना के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। यात्रियों द्वारा लगातार फोन, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से ट्रेनों के देरी से चलने की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
बैठक में मुकेश मित्तल, सुबोध श्रीवास्तव, मुकुल मिश्रा, अजय कुमार, सतीश कुमार सिंह, नीरज सिंह, कुलविंदर सिंह, अमित शर्मा, अमृता मिश्रा, उषा यादव, अजय गुप्ता, धर्मेंद्र सिंह, जीतेंद्र सिंह, आफताब अहमद सिद्दिकी, रवींद्र कुमार सिंह और अनिल प्रकाश सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
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