समाज जागरण/ अवधेश कुमार गुप्ता
सोनभद्र/अनपरा। म्योरपुर शिक्षा क्षेत्र में शिक्षा विभाग में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। जहां आए दिन अध्यापकों के सेटिंग पर घर बैठे रहने की शिकायत हो या फिर मोटी रकम दे कर अटैचमेंट का खेल हो। अब तो एक अध्यापक खंड शिक्षा अधिकारी का ड्राइवर बन कर स्कूल स्कूल भ्रमण कर अनुपस्थित रहने वाले अध्यापकों से मोटी रकम वसूल कर दलाली का काम कर रहा है। जानकारी के अनुसार म्योरपुर के कंपोजिट विद्यालय हरहोरी का अध्यापक आनंद चौबे कई माह से खंड शिक्षा अधिकारी का निजी ड्राइवर बन कर घूम रहा है जिससे यहां का शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गया और बच्चे शिक्षा से दूर हो रहे हैं यही कारण है कि इस विद्यालय का लगातार नामांकन गिर रहा है।
साहब की ड्राइवरी करने का खबर पूर्व में भी प्रकाशित हुआ था जिससे कुछ दिनों तक विराम लगा था किंतु पुनः खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपना चहेता बना कर ड्राइवर के रूप में अपने साथ ले कर घूम रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो ड्राइवरी के एवज में इनकी पत्नी जो अध्यापिका हैं उन्हें स्कूल नहीं जाना पड़ता है और घर बैठे वेतन उठाती है। सवाल यह है कि क्या खंड शिक्षा अधिकारी को खुली छूट है कि नियम को ताक पर रख कर अध्यापक से ड्राइवरी करवाएं या सिर्फ अपने फायदे के लिए नियम की अनदेखी कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल तो ये भी है कि क्या अध्यापक को पढ़ाने के लिए सरकार मोटी रकम देती है या ड्राइवर बनने के लिए। खैर जो भी ग्रामीणों से इसकी जांच कर कठोर कार्यवाही की मांग की है।



