वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा से सटे खनियाबाद पंचायत के फुलवारी गांव वार्ड संख्या 5 में करोड़ों की लागत से निर्मित अतिरिक्त उप स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन 1 दिसंबर 2024 को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने रिमोट के माध्यम से किया था। उद्घाटन को आज एक वर्ष पूरा हो गया, लेकिन अब तक यहां स्वास्थ्य सेवाओं की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
स्थानीय ग्रामीणों—सीताराम पासवान, सुबोध शर्मा, संकेत शर्मा, गोपी शर्मा, बहादुर ऋषिदेव, गंगा पासवान, नेकी मुर्मू, बबलु हंसदा, चंदन ऋषिदेव, बहादुर पासवान, अशर्फी पासवान, मंगल मुरमुर, शांति देवी, निर्मला देवी, पुष्पा देवी तथा मुखिया प्रतिनिधि शहजाद आलम—ने बताया कि उद्घाटन के बाद से आज तक न तो डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति हुई है और न ही नर्स की तैनाती। यहां तक कि ग्रामीणों को एक साधारण दवा या टैबलेट तक उपलब्ध नहीं हो पाई है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र सरकार की लापरवाही के कारण मात्र शोभा की वस्तु बनकर रह गया है। मुखिया प्रतिनिधि शहजाद आलम ने कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को डॉक्टर की तैनाती हेतु कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन विभागीय स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। परिणामस्वरूप बीमार ग्रामीणों को मजबूरी में प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टेढ़ागाछ जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डॉक्टर और नर्स की नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत नहीं की गई तो आने वाले विधानसभा चुनाव में वे वोट बहिष्कार करेंगे। एक करोड़ की लागत से निर्मित यह नवनिर्मित स्वास्थ्य केंद्र जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के बजाय उपेक्षा का शिकार हो गया है। ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से अविलंब पहल कर केंद्र को चालू करने और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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