•~ जिला कारागार गुरमा का संपर्क टूटा, 7-8 किमी अतिरिक्त सफर को मजबूर लोग
समाज जागरण/ अवधेश कुमार गुप्ता
सोनभद्र। गुरमा स्थित जिला कारागार को मारकुंडी से जोड़ने वाले मुख्य संपर्क मार्ग पर घाघर नदी पुल के नव निर्माण कार्य के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा आवागमन बनाए रखने के लिए मीनाबाजार घाघर नदी के किनारे एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग तैयार कराया गया था। लेकिन मानसून की पहली ही तेज बारिश में नदी के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के कारण यह वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह बह गया।
इसके बाद जिला कारागार गुरमा का सीधा संपर्क मार्ग बाधित हो गया है, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।वैकल्पिक मार्ग के बह जाने के बाद अब लोगों के पास केवल एक लंबा और घुमावदार रास्ता ही बचा है। आमजन को मारकुंडी, मीना बाजार, तेलाई, चकरिया, घाघर नदी पुल, पेड़रहवा, कुशहिया और काला पानी होते हुए गुरमा जिला कारागार तक पहुंचना पड़ रहा है। इस मार्ग से यात्रा करने में लगभग 7 से 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।
इस समस्या का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, दैनिक मजदूरों, व्यापारियों, मरीजों और ग्रामीण महिलाओं पर पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि आवश्यक कार्यों से आने-जाने वाले लोगों को भी अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में यह वैकल्पिक रास्ता भी कई स्थानों पर जोखिम भरा बना हुआ है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण शुरू होने के समय से ही क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापारियों, ग्राम प्रधानों तथा ग्रामीण महिला-पुरुषों ने कई बार लिखित और मौखिक रूप से संबंधित विभाग को अवगत कराया था कि बरसात से पहले मजबूत और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। इसके लिए प्रदर्शन और ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन विभाग ने समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि वैकल्पिक मार्ग का निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ किया गया होता, तो पहली ही बारिश में यह मार्ग नहीं बहता। अब स्थिति यह है कि जिला कारागार, आसपास के गांवों और मुख्य बाजारों के बीच आवागमन प्रभावित हो गया है तथा लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि तत्काल अस्थायी वैकल्पिक मार्ग की सुरक्षित व्यवस्था कराई जाए तथा पुल निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए जल्द से जल्द सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।
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