ट्रेंड नर्सों का अभाव, 2020 के बाद अब तक नहीं हो पाई एक भी डिलीवरी
रीवा। नगर के निपनिया स्थित आयुर्वेद अस्पताल के हालात कुछ ठीक नहीं चल रहे हैं। पता चला है कि यहां पर गायनी डिपार्टमेंट तो है लेकिन ट्रेंड नर्सों का अभाव अब तक बना हुआ है। इस वजह से गर्भवती महिलाओं को यहां पर कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। लिहाजा गर्भवती महिलाओं का सहारा संजय गांधी अस्पताल एवं जिला अस्पताल सहित प्राइवेट नर्सिंग होम बने हैं। बताया गया है कि यहां पर वर्ष 2020 के बाद अब तक प्रसुताओं की भर्ती व डिलीवरी नहीं हो सकी। इसके पीछे की वजह है ट्रेंड स्टॉफ का न होना बताया जा रहा है। जानकारी अनुसार विभाग में एक डॉक्टर की पदस्थापना है लेकिन जो भी नर्स है वह डिलीवरी कराने के लिए अनट्रेंड हैं। इस वजह से यहां पर कई वर्षों से डिलीवरी नहीं हो पा रही है। जबकि लेबर रूम से लेकर वार्ड में 20 बेड भी है। लेकिन नर्सों के अभाव में गर्भवती महिलाओं को प्रसूति सुविधा मिल पाना मुश्किल हो रहा है।
नर्सों को ट्रेनिंग दिलाने में अक्षम रहा एनएचएम-: उल्लेखनीय है कि निपनिया आयुर्वेद अस्पताल में तकरीबन एक दर्जन नर्सिंग ऑफिसर कार्यरत है। लेकिन जिले के सीएमएचओ एवं एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के डीपीएम की लापरवाही के चलते अब तक इन नर्सों को प्रसूति कराने (स्टिल वर्क अटेंडेंस ) की ट्रेनिंग तक नहीं दिल पाए। जबकि आयुर्वेद अस्पताल को डिलीवरी प्वाइंट पूर्व से ही बनाया गया था। जहां पर हर सुविधा प्रदान करने सीएमएचओ एवं डीपीएम की जवाबदारी बनती है। लेकिन उनकी उदासीनता के चलते वर्ष 2020 से अब तक डिलीवरी प्वाइंट को सुविधा विहीन रखा गया है। अगर यहां की नर्स को भी विशेष ट्रेनिंग दिलाई गई होती तो अस्पताल में भी किलकारियां गूंजने लगती। हालांकि इस मामले में अधिक जानकारी के लिए सीएमएचओ डॉ संजीव शुक्ला को कई बार फोन लगाया गया लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं डीपीएम राघवेंद्र मिश्रा का जवाब रहा की नर्स को ट्रेंड कराने की पहल की जाएगी।
सीएमएचओ अटैच नहीं कर रहे ट्रेंड नर्स-: निपानिया स्थित आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर डॉ दीपक कुलश्रेष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया। हमारे द्वारा कई बार सीएमएचओ ऑफिस को पत्र भेज कर ट्रेंड नर्स की मांग की गई। अस्पताल में बनाए गए डिलीवरी प्वाइंट में अटैच कर दिया जाए ताकि यहां भी गर्भवती महिलाओं को प्रसूति की सुविधा मिल सके इसके बावजूद भी ना पूर्व के सीएमएचओ इस बात पर गौर कर सके और ना ही वर्तमान सीएमएचओ डॉ संजीव शुक्ला भी ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। सिर्फ आश्वासन पर हमारा भरोसा टिका हुआ है। डॉक्टर कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अगर आयुष अस्पताल के डिलीवरी प्वाइंट को दक्ष नर्स मिल जाती तो यहां भी प्रसूति सुविधा मिलने लगती और संजय गांधी एवं जिला अस्पताल से गर्भवती महिलाओं की भीड़ का दबाव कमता।
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