google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

कल्याण का सर्वश्रेष्ठ साधन श्रीमद् भागवत कथा -फलाहारी बाबा

बिकास राय
ब्यूरो चीफ गाजीपुर
दैनिक समाज जागरण

गाजीपुर जनपद के मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के राजापुर निवासी जेठू राय के आवास पर आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में श्री अयोध्या धाम से पधारे मानस मर्मज्ञ भागवत वेत्ता श्री श्री 1008 महामण्डलेश्वर श्री शिवराम दास उपाख्य फलाहारी जी महाराज ने उपस्थित श्रोताओं को समझाते हुए कहा की
बेद रूपी वृक्ष का फल श्रीमद् भागवत कथा है। सबसे पहले विष्णु ने ब्रह्मा को ब्रह्मा ने नारद को नारद ने वेदव्यास को वेदव्यास ने शुकदेव को शुकदेव ने परीक्षित को यह कथा सुनाई। कल्याण का सर्वश्रेष्ठ साधन श्रीमद् भागवत कथा है। कुंती ने कृष्ण से दुख मांगा इसलिए की दुख में प्रायःविशेष रूप से परमात्मा का स्मरण होता है । श्मशान अस्पताल गर्भ और सत्संग चार जगह परमात्मा विशेष रूप से याद आता है। परमात्मा का स्मरण उच्चारण और श्रवण ही जीवात्मा के लिए अविनाशी संपत्ति है। जो श्मशान के यात्रा के आगे भी यात्रा में साथ देती है। श्रीमद् भागवत महापुराण के अनुसार चौथी सृष्टि का विस्तार हम सब मानव है हम सबके पूर्वज का नाम मनु और शतरूपा है। हम सब एक हैं। किसी भी समारोह में एकता तो आ जाती है लेकिन हम एक नहीं हो पाते। एकता आने में शक्ति नहीं बल्कि एक होने में शक्ति होती है। कथा और सत्संग माध्यम से एकता लाकर एक करने का प्रयास किया जाता है। ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य और शुद्ध वर्ण का नाम नहीं बल्कि व्यवस्था का सर्वोत्तम सोपान है।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)