विजय तिवारी
अनूपपुर
नगर में संचालित पीआरटी महाविद्यालय अनूपपुर में विद्यार्थियों को इस पर्व का महत्व एवं उपयोगिता बताई गयी ,विधि विधान से पूजा वंदना, हवन कर सरस्वती जयंती के रूप में मनाया गया। पीले पुष्प एवं बसंती वस्त्र से मां सरस्वती का पूजन किया गया, इस दिन विद्या की देवी सरस्वती का दिन होने के कारण मां सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है । सांस्कृतिक प्रभारी श्रीमति स्वेता सिन्हा जी के निर्देशन में छात्रों ने सरस्वती वंदना की। और नृत्य एवं संगीत भी किया गया। कॉलेज के डॉ देवेंद्र कुमार तिवारी जी ने बसंत पंचमी संस्कारों की जानकारी दी। संस्कृति में ही संस्कार पलते हैं- तिवारी जी ने कहा कि विद्यार्थियों को इस पर्व का महत्व एवं उपयोगिता बताई गयी । उन्होंने कहा भारत में बसंत पंचमी के त्योहार को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इसे वसंत पंचमी और श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है.बसंत पंचमी का यह त्योहार ज्ञान, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित है. कॉलेज के प्राध्यापक श्रीमती स्वेता सिन्हा जी ने सभी छात्रों को बताया कि वाणी, शिक्षा एवं अन्य कलाओं की अधिष्ठात्री देवी मां की आराधना छात्रों को अवश्य करनी चाहिए। इस दिन सरस्वती सिद्ध करके मंत्र साधना में सिद्धि प्राप्त करनी चाहिए। कण्ठ में सरस्वती को स्थापित किया जाता है। स्वर, संगीत, ललित कलाओं, गायन वादन, लेखन यदि इस दिन आरंभ किया जाए तो जीवन में सफलता अवश्य मिलती है। बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। उन्होंने इस अवसर पर सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह त्योहार नई ऊर्जा, सकारात्मकता और समृद्धि का प्रतीक है, जिसे पूरे मनोयोग से मनाना चाहिए।
इस कार्यक्रम में कॉलेज के स्टाफ श्री रणविजय शाही, श्री रवि त्रिपाठी, श्री अशोक मिश्रा, श्रीमती स्वेता सिन्हा,सुश्री कमला सिंह, श्रीमती अंजना साहू, सुश्री दीपिका श्रीवास एवं सभी छात्रों की उपस्थिति रही।
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