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सुदामा चरित्र के साथ संगीतमय सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ भव्य विश्राम

समाज जागरण/ आदिवासी सुनील त्रिपाठी

चोपन/ सोनभद्र। नगर/क्षेत्र में आयोजित संगीतमय सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य एवं भावपूर्ण विश्राम अंतरराष्ट्रीय संत पूज्य श्री सच्चिदानन्द जी महाराज के श्रीमुख से सम्पन्न हुआ। कथा के अंतिम दिवस श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के बीच सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन किया गया, जिसने श्रोताओं को भक्ति, करुणा और सखा-भाव के गहन रस में सराबोर कर दिया।

कथा प्रसंग में पूज्य महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ विवाहों का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि भगवान के आठ विवाह अलग-अलग सम्पन्न हुए, जबकि शेष सोलह हजार एक सौ विवाह एक ही दिन में सम्पन्न हुए। यह प्रसंग प्राग्ज्योतिषपुर के राजा नरकासुर से जुड़ा है, जिसने दुराचारवश संकल्प लिया था कि वह कन्याओं का अपहरण कर उन्हें बंदी बनाएगा। विभिन्न स्थानों से अपहृत कन्याओं की संख्या बढ़ते-बढ़ते सोलह हजार एक सौ तक पहुँच गई।

भगवान श्रीकृष्ण, माता सत्यभामा को साथ लेकर प्राग्ज्योतिषपुर पहुँचे, नरकासुर का वध किया और सभी बंदी कन्याओं को मुक्त कराया। लोक-लाज और सामाजिक मर्यादा की रक्षा हेतु भगवान ने उन सभी कन्याओं को अपने पत्नी रूप में स्वीकार किया, जिससे उनका जीवन सम्मान और सुरक्षा के साथ स्थापित हो सका। पूज्य महाराज ने इस प्रसंग के माध्यम से भगवान की करुणा, न्याय और धर्म-रक्षा की भावना को रेखांकित किया।

कथा के अंतिम चरण में सुदामा चरित्र का अत्यंत भावुक वर्णन किया गया। पूज्य महाराज ने बताया कि सुदामा जी भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त और बाल सखा थे। घोर निर्धनता में जीवन व्यतीत कर रहे सुदामा जी, पत्नी के आग्रह पर अपने सखा द्वारकाधीश श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका जाते हैं। भगवान अपने प्रिय सखा का आदर-सत्कार करते हैं और बिना मांगे ही सुदामा जी को अपार वैभव प्रदान कर देते हैं। उनके नगर को समृद्धि और सुख-शांति से भर देते हैं।

कथा का समापन भक्ति, वैराग्य और सखा-भाव की अनुपम शिक्षा के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर कथा श्रवण किया और आयोजकों ने पूज्य महाराज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कथा विश्राम की घोषणा की। कथा में मुख्य यजमान बाबूलाल केशरी, श्रीमती लालदेई केशरी, कन्हैया केशरी, उदित केशरी, महेंद्र केशरी, पम्मी केशरी सहित विद्याशंकर पांडेय जिलाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद, संजीव तिवारी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि, संतोष सिंह डम्पू, उदय नारायण पाण्डेय, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुनील सिंह, नवल चौबे, प्रदीप अग्रवाल,अमित सिंह एडवोकेट, राजेश साहनी एडवोकेट, गणेश तिवारी, धर्मेंद्र जायसवाल, सुरेश पांडेय, मिंटू तिवारी, विकास सिंह छोटकू, पुनीत पाठक, विशाल विश्वकर्मा आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


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