लोनी/गाजियाबाद।
जनपद गाजियाबाद में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले गिरोह पर स्वास्थ्य विभाग ने निर्णायक वार किया है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग गाजियाबाद और PCPNDT उत्तरी दिल्ली जिला की संयुक्त टीम ने लोनी थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्थान पर छापेमारी की, जहाँ लंबे समय से अवैध रूप से गर्भ में पल रहे नवजातों का लिंग बताने का गोरखधंधा चल रहा था।
📍 छापेमारी प्रशांत विहार कॉलोनी में, आरोपी गिरफ्तार
टीम ने सूचना के आधार पर प्रशांत विहार कॉलोनी में अल-फला मस्जिद वाली गली में स्थित कमल नाम के व्यक्ति के ठिकाने पर छापेमारी की। छापे के दौरान टीम ने आरोपी को कथित रूप से रंगे हाथों पकड़ा और मौके से बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की।
🛑 बरामद सामग्री में शामिल:
- अल्ट्रासाउंड मशीन
- लिंग परीक्षण में उपयोग होने वाली प्रॉब
- ₹8,000 नकद
- अल्ट्रासाउंड जेल
- मोबाइल फोन (रिकॉर्ड एवं नेटवर्क से जुड़ी जानकारी की आशंका)
अधिकारियों के अनुसार आरोपी गर्भवती महिलाओं से मोटी रकम लेकर गुप्त रूप से भ्रूण का लिंग परीक्षण करता था। यह कार्य पूरी तरह अवैध और दंडनीय है।

⚖ कानून की नजर में गंभीर अपराध
पीसीपीएनडीटी एक्ट, 1994 के तहत भारत में भ्रूण लिंग निर्धारण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस अधिनियम के तहत दोषियों को:
- 3 साल तक की जेल,
- सीलिंग ऑफ मेडिकल इक्विपमेंट,
- लाइसेंस रद्द,
- और भारी आर्थिक दंड
का प्रावधान है।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा—
“यह सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि बेटियों के अस्तित्व के खिलाफ अपराध है। इस रैकेट में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
🔍 नेटवर्क का हो सकता है बड़ा खुलासा
टीम को संदेह है कि आरोपी किसी बड़े गिरोह का सदस्य है। बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच के बाद आने वाले दिनों में और नाम सामने आने की संभावना है।
स्थानीय लोगों ने भी बताया कि इस इलाके में लंबे समय से संदिग्ध तरीके से अल्ट्रासाउंड जांच कराए जाने की चर्चा थी।
🚔 प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने संकेत दिया है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में ऐसे और ठिकानों पर कार्रवाई की जाएगी। जिले में अवैध लिंग परीक्षण के खिलाफ अभियान जल्द ही व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
📌 यह प्रतिबद्धता सिर्फ कानून व्यवस्था की नहीं, समाजिक संवेदनशीलता की भी है — एक बेटी की सुरक्षा की।



