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अवैध उत्खनन ,भंडारण और परिवहन का गौरख धंधा जारी

थम नहीं रहा रेत का काला व्यवसाय जोरों पर

बिरसिंहपुर पाली —रेत माफिया का कारोबार प्रशासन के मिलीभगत के परिणाम स्वरूप जोरों से जारी है, उमरिया जिले में रेत की बिक्री में प्रशासकीय तौर पर बन्द हैं फिर भी जिले में रेत का अवैध व्यवसाय का कारोबार निरतंर रूप से निर्रवाध रूप से उसी गति से चल रहा है। यह कारोबार पूरे जिले में फल फूल रहा है, फिर भी जिले के पाली तहसील में यह काम पूरी तरह से प्रशासन की मिलीभगत से अधिक ही उफान पर दिखाई दे रहा है। दूर दराज ग्रामीण अंचलों से लेकर पाली नगर पालिका परिषद् पाली से लगे लगे नदी -नालो को छलनी करते हुए इस व्यवसाय को अंजाम दे रहे हैं। पाली नगर पालिका की सीमा पर स्थित बहरा नाला आज कल पाली के रेत माफियाओं को सोने की अंडे देने वाली मुर्गी बन कर रह गया है, जहाँ दिन में रेत का संग्रहण होता है और रात भर टेक्टरो से रेत परिवहन का कारोबार चलता है।
रेत की सुनहरी खनक की कमाई से रेत के अवैध व्यवसाय पर रोक लगाने वालो की जेबें भी इसी से भरती नजर आती है, इसी लिये कुछ खास लोगों की नजरें बचाने के लिए यह काला कारोबार दिन में रोक कर रात में संचालित करा दिया गया है। वैसे रेत चोरी पर प्रभावी कार्रवाई के लिए मध्यप्रदेश सरकार खनिज विभाग के साथ साथ राजस्व विभाग, पुलिस और वन विभाग को समान रूप से कार्यवाही का अधिकार दिया गया है, ताकि किसी विभाग की संलिप्तता न हो पाये, लेकिन जितने लोगो की भागीदारी उतने लोगों की हिस्सेदारी के लिए खेल में सभी कतार बद्ध देखे जा रहे हैं, और इस अवैध कारोबार से रेत माफिया और चोरी पर रोक लगाने वाले तो अपनी तिजोरी भर रहे हैं, शासन को हर माह लाखों रूपये की छति हो रही है। उच्च प्रशासन से अपेक्षा है कि रेत चोरी पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के सार्थक पहल करेंगे।


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