दैनिक समाज जागरण, जिला संवाददाता।( महेन्द्र जावला बहल )
बहल, 17 दिसंबर। बहुजन समाज पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण जमालपुर ने कहा है कि
हरियावास गांव की घटना ने समूचे समाज व देश को हिलाकर रख दिया है। ऐसी घटनाएं इस सामंतवादी सोच को बेनकाब करती है। वरना इस घटना के आरोपित आज सलाखों के पीछे होने चाहिए थे। इस मामले के आरोपित आज भी खुले घुम रहे हैं और पीड़ित परिवार का खतरा बने हुए हैं। सरकार व प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों को अविलंब गिरफ्तार करें। बीएसपी नेता बुधवार को गांव हरियावास पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। कृष्ण जमालपुर ने पुलिस अधिकारियों से भी मुलाकात की और मामले की प्रगति रिपोर्ट जानकर आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने ने यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हरियावास गांव में हुई घटना कोई साधारण नहीं। इस घटना का कृत्य सामंतवादी विचारधारा की परिणिति का हिस्सा है। पास्को और एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में दोषी के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण जमालपुर ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण जमालपुर ने इस संवेदनशील मामले पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून अपना काम करे, लेकिन इसका दुरुपयोग किसी को फंसाने के लिए नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही इस मामले में जो भी दोषी है, उसके खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसे जघन्य अपराध पर अंकुश लगाया जा सकें। जमालपुर ने कहा कि इस पूरे मामले की पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बसपा का स्पष्ट मानना है कि दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि किसी निर्दोष व्यक्ति को गलत तरीके से न फंसाया जाए। बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी बात रखते हुए हाल ही में हुए चर्चित आईपीएस अधिकारी (एडीजीपी) वाई. पूरन कुमार आत्महत्या मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने आशंका जताई कि रवि आजाद के मामले को भी उसी तरह जातीय और राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा सकती है। ऐसे में सत्ता या मुख्य विपक्षी दल इस मामले को जातिय रंग ना देकर निष्पक्ष जांच की पक्ष में खड़े रहे। जमालपुर ने कहा कि सरकार या सरकार की शह पर कुछ लोग इस कानूनी मामले को जातिगत संघर्ष का रूप देने का प्रयास कर सकते हैं, जिससे समाज में भाईचारा खराब होने का खतरा है। उन्होंने प्रशासन को आगाह किया कि वे इस मामले को राजनीति और जाति से ऊपर उठकर देखें। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो इससे सरकार और प्रशासन की मनसा जान पड़ती है कि इस मामले को जातीय व सामाजिक मुद्दे बनाने के लिए जानबूझकर कर ढिल दी जा रही है। इस अवसर पर उनके साथ बीएसपी जिला अध्यक्ष प्रदीप रंगा, जिला प्रभारी रामकिशन गुरेरा, अजीत सिंह सिंघल, मनोज, सुशील गुड़ा, बौद्ध मेवा, सोनू नलोई सहित अनेक लोग साथ थे।



