पंकज कुमार पाठक,संवाददाता दैनिक समाज जागरण
हजारीबाग-धर्मध्वज स्थापना दिवस पर जिलेभर के हजारों मंदिरों में भक्ति और आस्था की उमंग देखने को मिली। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की पहल पर सुबह से देर शाम तक भजन–संकीर्तन, हवन, पूजन, हनुमान चालीसा और ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ के विजय महामंत्रों से वातावरण राममय हो उठा।
बजरंग दल के विभाग मिलन प्रमुख प्रशांत सिंह ने इसे पूरे हिंदू समाज के लिए अविस्मरणीय क्षण बताया। उन्होंने कहा कि संगठन ने इस दिन को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक तैयारी की थी। जिले में संचालित लगभग 600 इकाइयों के अलावा कार्यकर्त्ताओं ने अन्य गांवों के मंदिरों में भी जाकर कार्यक्रमों का विस्तार किया और लोगों को श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के इतिहास से परिचित कराया।
प्रशांत सिंह ने कहा कि शास्त्रीय पद्धति से सम्पन्न श्री राम मंदिर निर्माण 500 वर्षों के संघर्ष की पूर्णाहुति है। इस अवसर पर आंदोलन में बलिदान देने वाले धर्मवीरों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। उन्होंने कहा कि आज विश्व ने भारतीयों की संकल्पशक्ति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अद्भुत उदाहरण देखा है।
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री अरविंद मेहता ने बताया कि सभी प्रखंडों और इकाइयों में कार्यकर्त्ता रामराज्य की परिकल्पना को जन-जन तक पहुँचाने में जुटे रहे। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों से समाज में धर्मांतरण, लव जिहाद और गौ-तस्करी जैसे मुद्दों को लेकर सजगता बढ़ी है।
संगठन ने कहा कि धर्म ध्वज स्थापना हिंदू शौर्य और वैश्विक हिंदू समाज के पुनर्जागरण का प्रतीक है। संगठन आगे भी राष्ट्र और समाजहित में अपने कार्य जारी रखेगा। जिलेभर में श्रद्धालु उल्लासपूर्वक मंत्रोच्चार करते हुए झूमते-गाते नजर आए।



