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रैयतों को मुआवजा नहीं मिलने का मामला विधानसभा में गूंजा विधायक संजीव सरदार ने तेज की पहल, कहा जल्द प्रक्रिया पूरी कर रैयतदारों को मिले मुआवजा

दैनिक समाज जागरण 08.03.2025 जिला संवाददाता चांद कुमार लायेक पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर

पोटका एवं डुमरिया प्रखंड के विभिन्न रैयतों की भूमि अधिग्रहण के बाद विभाग ने नहीं दिया मुआवजा

झारखंड विधानसभा के सत्र में पोटका विधायक संजीव सरदार ने क्षेत्र के रैयतों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का मामला जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने तारांकित प्रश्नों के माध्यम से कहा कि पोटका एवं डुमरिया प्रखंड के विभिन्न रैयतों की भूमि अधिग्रहण कर 2022-23 में कई निर्माण कार्य कराए गए थे लेकिन प्रभावित ग्रामीणों को अब तक उनका उचित मुआवजा नहीं मिला है।

इन सड़क निर्माण कार्य के लिए हुआ था भूमि अधिग्रहण

पथ निर्माण विभाग द्वारा पोटका और डुमरिया प्रखंड में सड़क निर्माण के लिए कई ऐसी सड़के है जिनके के लिए जमीन अधिग्रहित की गई है जैसे कि पिछली से शंकरदा, दामूडीह, पाथरचाकड़ी होते हुए सुंदरनगर – जादूगोड़ा मुख्य पथ, बानाडूंगरी भाया दामूडीह चौक, लोवाडीह, चेमाईजुड़ी, धिरोल, बांगो, मेसोगोड़ा भाया धिरोल, खांचीबिल होते हुए हाता – जादूगोड़ा मुख्य पथ और सावनाडीह (कालिकापुर) तक चौड़ीकरण, मजबूतीकरण / पुनार्निर्माण कार्य और उसके साथ भागाबंदी से बेसारपहाड़ी, सालगाडीह, दामूकोचा भाया भीतरआमदा, फुलझरी होते हुए उड़ीसा सीमा तक चौड़ीकरण, मजबूतीकरण / पुनार्निर्माण कार्य. कोवाली से डुमरिया तक चौड़ीकरण, मजबूतीकरण / पुनार्निर्माण कार्य भी शामिल है.

विधायक ने सदन में सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा कि क्यों अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अब तक नहीं दिया गया, जिससे रैयतों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है? इस सवाल पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने मुआवजा न मिलने की बात को स्वीकार किया। विभाग ने बताया कि वर्तमान में यह प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है और सर्वेक्षण कार्य पूरा होते ही प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

इसके अलावा, विधायक संजीव सरदार ने यह भी सवाल किया कि अंचलाधिकारी पोटका द्वारा रैयतों की भूमि सत्यापन रिपोर्ट जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को भेजी गई है या नहीं। इस पर सरकार ने पुनः आंशिक स्वीकृति देते हुए बताया कि 22 फरवरी 2025 को पोटका के अंचल अधिकारी ने सत्यापन कार्य पूर्ण कर लिया था और रिपोर्ट तैयार कर दी गई है, लेकिन उसमें कुछ त्रुटि होने के कारण फिर से रिपोर्ट मांगी गई है, अंतिम रिपोर्ट अब तक जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को नहीं मिली है।

विधायक इस मामले को ले कर गंभीर

विधायक संजीव सरदार इस मामले को ले कर काफ़ी गंभीर है, उन्होंने कुछ दिनों पूर्व इस विषय को जिला उपायुक्त के साथ बैठक कर इसका समाधान निकालने को कहा था. अब यह मामला उन्होंने सदन में उठाया है, उनका प्रयास है कि जल्द से जल्द रैयतदारों को उनका मुआवज़ा मिल सके जो उनका अधिकार भी है. संजीव सरदार ने कहा – मैं जनता की समस्याओ को हल कराने और उनके अधिकारो के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहा हूं। जल्द ही समस्या का समाधान होगा और उन्हें उनका अधिकार मिलेगा.


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