5 एकड़ के रकवे में सजेगा माफिया का ताना बाना

गरीब नौकर को बना दिया जमीन का बादशाह

मोहन सरकार और कलेक्टर के आदेश के बाद भी एक बार फिर भूमाफिया सक्रीय हो रहे हैं, भूमाफिया अब निजी के साथ साथ सरकारी भूमि पर अपना बुल्डोजर चलवा दिया है। उमरिया शहर में भूमाफिया ने एक बार अपनी ताकत दिखाई है और जिला प्रशासन ही नहीं सरकार को भी यह बताने का प्रयास किया है कि तुम डाल डाल तो मैं पात पात यह कहावत जरुर है मगर जिला प्रशासन और भूमाफिया के बीच सटीक ही बैठ रही है। नई प्लानिंग के साथ नया खेल शुरू हो गया है और प्लाटिंग के लिए बकायदा खंबे भी खड़े कर दिये गये हैं। यहां अबकी बार एक गरीब अपने नौकर को बली का बकरा बना दिया गया है, जिसके नाम से आदिवासियों की भूमि औने पौने दाम में खरीद कर उसे करोड़ों में बेचने की तैयारी की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि नौकर के नाम से करोड़ों रुपए की जमीन खरीद कर छोड़ दी गई है और आगे लगातार खरीदी भी जा रही है, वह फिल्म बाहुबली के कटप्पा का किरदार निभा रहा है, जो अपनी वफादारी एक रजिस्ट्री पर केवल दो हजार रुपए ही लेता है और उसे कुछ नहीं मालूम कि वह जमीन किसकी है, कैसी है और कितने में खरीदी जा रही है या बेची जा रही है, इस खेल को लेकर यह कहने में गुरेज नहीं होगा कि 5 एकड़ के रकवे में सजेगा भूमाफिया का ताना बाना।

ऐसे रचा षड्यंत्र
भूमाफिया के जेहन में रमपुरी स्थित एक जमीन जैसे ही खटकी वह उसे अपने नौकर के नाम से खरीद ली और अब उसे धीरे धीरे बेच रहा है, उसमें प्लाटिंग भी बड़ी ही चालाकी के साथ की गई है, दो खसरा नंबरों के बीच में सरकारी भूमि का सदुपयोग कैसे करना है यह वे भलि भांति जानते हैं। बताया जाता है कि जब खसरा बी 1 निकालों तो पता चलता है कि उमाशंकर कोल के नाम से पहले से ही इतनी जमीन है कि वह किसी भी सामान्य को उक्त भूमि बेच सकता है या फिर दान कर सकता है। रमपुरी स्थित बिकने वाली जमीन में बड़े बड़े घाघ भी भूमाफिया के साथ शामिल हो गये हैं, जो शासकीय और मीडिया से आने वाली हर अड़चन को निपटाने वादा भी कर चुके हैं।

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