समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ संजय गांधी जैविक उद्यान, जिसे पटना चिड़ियाघर के नाम से जाना जाता है, में घूमने जाना अब महंगा पड़ने वाला है। उद्यान प्रशासन ने 1 अप्रैल से प्रवेश शुल्क सहित अन्य टिकट दरों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य चिड़ियाघर की सुविधाओं का विस्तार और रखरखाव में सुधार करना है।
चिड़ियाघर प्रशासन द्वारा प्रस्तावित नई दरों के अनुसार, वयस्कों के लिए प्रवेश शुल्क 30 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये किया जाएगा, जबकि बच्चों के टिकट की कीमत 10 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये की जाएगी। यह वृद्धि दर्शकों पर सीधा असर डालेगी, खासकर उन परिवारों पर जो अक्सर बच्चों को घुमाने चिड़ियाघर आते हैं। चिड़ियाघर परिसर में मौजूद बोटिंग सुविधा के टिकट की कीमत 80 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये की जा रही है। वहीं, मछलीघर (एक्वेरियम) में प्रवेश के लिए वयस्कों को अब 10 रुपये के बजाय 20 रुपये चुकाने होंगे, जबकि बच्चों के लिए यह दर 5 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये की जाएगी। जो लोग रोजाना स्वास्थ्य लाभ के लिए चिड़ियाघर परिसर में टहलने आते हैं, उनके लिए पास दरें भी महंगी कर दी गई हैं। तीन महीने का पास अब 1000 रुपये के बजाय 1500 रुपये में मिलेगा। छह महीने का पास 1600 रुपये के स्थान पर 2400 रुपये का होगा। सालाना पास 2500 रुपये के बदले 3750 रुपये में मिलेगा। हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) को पास शुल्क में 50% की छूट मिलती रहेगी, लेकिन उनके लिए भी बढ़ी हुई दरें लागू होंगी। उद्यान प्रशासन का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में दर्शकों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। प्रतिदिन औसतन 5000 से अधिक लोग चिड़ियाघर घूमने आते हैं। ऐसे में सुविधाओं के रखरखाव और नए विकास कार्यों की जरूरत बढ़ गई है। इस वजह से ही शुल्क बढ़ाने का फैसला किया गया है। प्रशासन का मानना है कि इससे चिड़ियाघर की आय में वृद्धि होगी, जिससे पशु-पक्षियों के लिए बेहतर देखभाल की व्यवस्था की जाएगी। परिसर में स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं जोड़ी जा सकेंगी। पटना शहर के अन्य प्रमुख पार्कों में भी टिकट दरें बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समिति को यह प्रस्ताव भेजा गया है, जिस पर जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है। कुछ लोग टिकट दरों में वृद्धि को उचित मान रहे हैं, क्योंकि इससे चिड़ियाघर की व्यवस्था में सुधार होगा। वहीं, आम दर्शकों और गरीब परिवारों को यह वृद्धि बोझ लग रही है। उनका कहना है कि घूमना-फिरना अब मध्यम वर्ग के लिए भी महंगा होता जा रहा है। हालांकि, प्रशासन को भरोसा है कि इस फैसले से पटना चिड़ियाघर और अधिक आकर्षक बनेगा और दर्शकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
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