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सड़क किनारे गड्ढे में बाइक पलटने से हुई सवार की मौत

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र के मंझौली गांव के पास सड़क किनारे पानी भरे गड्ढे ने बाइक पलटने से शुक्रवार की रात बाइक सवार की मौत हो गयी।
जानकारी के अनुसार पटना जिले के बिहटा थाना अंतर्गत लई गांव निवासी 20 वर्षीय विशाल चौधरी शुक्रवार की रात बैकबपर सवार होकर घर लौट रहा था। उसी दौरान बिक्रम थाना क्षेत्र के मंझौली गांव के पास सड़क पर बाइक असंतुलित होकर सड़क किनारे पानी भरे गड्ढे में पलट गयी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और युवक की खोजबीन शुरू की। रात का समय होने और पानी की गहराई अधिक होने के कारण कोई सफलता नहीं मिल पाई। मौके पर बिक्रम थाना पुलिस भी पहुंच गई और बाइक को रात में ही पानी से बाहर निकाल लिया। लेकिन युवक का शव पानी में होने के कारण रातभर उसका कुछ पता नहीं चल पाया। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि विशाल चौधरी बाइक चला रहा था जब अचानक सड़क किनारे पानी भरे गड्ढे में गिर गया। स्थानीय गोताखोरों को भी बुलाया गया लेकिन अंधेरा होने की वजह से रात में खोजबीन संभव नहीं हो सकी। वही शनिवार की सुबह पुलिस और गोताखोरों की टीम ने मिलकर विशाल के शव को पानी से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पटना के एम्स भेज दिया। इस मामले में बिक्रम थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई थी। मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
ज्ञात हो कि मृतक विशाल चौधरी का परिवार इस घटना के बाद गहरे सदमे में है। उनकी उम्र मात्र 20 वर्ष थी और पूरे गांव में उन्हें एक जिंदादिल और मददगार युवक के रूप में जाना जाता था। उनके परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है। इस घटना ने प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क किनारे मौजूद ऐसे खतरनाक गड्ढों को समय रहते भरने और सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने की मांग अब तेज हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन खतरनाक स्थानों पर ध्यान दिया जाता तो शायद यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। यह घटना केवल एक परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे लोगो के लिए एक चेतावनी है। यह प्रशासन और आम जनता को एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए बुनियादी ढांचे की मरम्मत और सुरक्षा के उपायों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।


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