नोएडा समाज जागरण डेस्क
नोएडा हॉट मे आयोजित दिवाली उत्सव को लेकर प्रचार-प्रसार की भारी कमी देखने को मिली है जिसके कारण विभिन्न शहरों, कस्बो और ग्रामीण क्षेत्रोंं वोकल फॉर लोकल के तहत स्वदेशी उत्पादकों में निराशा का भाव रहा। दिवाली पूर्व 26 अक्टुबर ले 11 नंवबर तक आयोजित मेले को लेकर दुकानदारों का कहना था इस बार मेले का प्रचार प्रसार बिल्कुल किया ही नही गया है। पिछली बार जब हम लोग आये थे तो पूरे नोएडा शहर बैनर पोस्टर होंर्डिंग से पटा पड़ा था लेकिन इस बार कही कुछ देखने को नही मिला। इसके अलावा मिडिया के माध्यम से भी प्रचार प्रसार कम ही किया गया। जिसके कारण इस बार की दिवाली मेला मे बिक्री थोड़ा कम रहा। कई दुकानदार का कहना था कि हम लोग यहाँ आने के बाद सोशल मिडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किये तब जाकर थोड़ा कुछ हुआ।

कुछ काम तो धनतेरस के दिन इन्द्रदेव ने बिगाड़ दिया।
कुछ व्यवसायियों को कहना था कि मेला पहले कि तरह तो नही लेकिन ठीक ठाक रहा। धनतेरस के दिन आये बारिश के कारण भी कुछ बिक्री पर असर पड़ा। बारिश के कारण सामान भी काफी भींग गया। बारिश के कारण ग्राहक भी कम पहुँचा जिसके कारण कुछ कम रहा। हालांकि नोएडा हॉट मे इस बार जितने स्टाल उपलब्ध है उससे कही ज्यादा दुकानदारों ने भाग लिया था जिनकों स्टाल के बराबर मे खाली पड़े जगहो पर स्थान दिया गया। उनका कहना था कि छत को बारिश मे टपकने के कारण बहुत ज्य़ादा समान भिंग गया है जिससे काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा प्रचार प्रसार भी कम रहा है इस बार किसी भी प्रकार से मेला आयोजक के द्वारा ध्यान नही दिया गया। पहले एलईडी वगैरह भी लगे होते थे जो कि इस बार नही लगाया गया था।
इस संबंध मे कुछ विशेषज्ञो का मानना है कि इस बार वोकल फॉर लोकल को लेकर लोकल बाजारों मे भी काफी धूम रहा है। लोगों ने अपने क्षेत्रीय बाजारों से भी बड़ी मात्रा मे लोकल बने सामानों की खरीदारी किया है यह भी एक कारण हो सकता है। इसके अलावा बारिश के कारण हो सकता है।
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