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मिशन शक्ति के तहत टीएमयू फिजियोथेरेपी की

स्टुडेंट्स कॉल फॉर हेल्प को लेकर हुईं अवेयर

उत्तर प्रदेश पुलिस एवम् टीएमयू की एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के डिपार्टमेंट ऑफ फिजियोथेरेपी की ओर से मिशन शक्ति 5.0 के तहत कॉल फॉर हेल्प जागरूकता कार्यक्रम में महिला सुरक्षा की सामूहिक प्रतिज्ञा ली गई। कार्यक्रम का मूल संदेश मदद बस एक कॉल की दूरी पर है, आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता रहा। समय पर मदद मांगना ही समझदारी है। इससे पूर्व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन के संग जागरूकता कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। इस मौके पर सर्कल अधिकारी- सीओ श्री राजेश कुमार बतौर मुख्य अतिथि, डिपार्टमेंट ऑफ फिजियोथेरेपी की एचओडी एवम् मिशन शक्ति 5.0 की नोडल अधिकारी डॉ. शिवानी एम. कौल बतौर विशिष्ट अतिथि, पाकबड़ा के थाना प्रभारी- एसएचओ श्री योगेश मावी आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। सभी अतिथियों का पौधे देकर स्वागत किया गया। अंत में प्रतिभागियों ने पुलिस अधिकारियों से प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान किया। केस स्टडी अधिकारियों ने वास्तविक घटनाओं के उदाहरणों जरिए समय पर मदद मांगने के महत्व को विस्तार से बताया। सभी प्रतिभागियों को हेल्पलाइन नंबरों और सुरक्षा उपायों की पुस्तिकाएं भी वितरित की गईं। मुख्य अतिथि सीओ श्री राजेश कुमार ने डिजिटल अरेस्ट और बचाव के उपाय पर बोलते हुए कहा, पुलिस कभी भी फोन/वीडियो कॉल से गिरफ्तार नहीं करती है। संदिग्ध कॉल की तुरंत रिपोर्ट करें। कभी भी दबाव में आकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

फिजियोथेरेपी की एचओडी एवम् मिशन शक्ति 5.0 की नोडल अधिकारी डॉ. शिवानी एम. कौल ने कहा, यह कार्यक्रम केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक आंदोलन की शुरुआत है। महिला सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक महिला सुरक्षित महसूस करे। निडर होकर अपने सपनों को साकार कर सके। पाकबड़ा थाना के एसएचओ श्री योगेश मावी ने महिला सुरक्षा के विभिन्न पहलू पर बोलते हुए कहा, महिलाएं अपना उत्पीड़न होने की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। डर या संकोच त्याग कर अपनी समस्या बेहिचक साझा करें। पुलिस की महिला अधिकारी संवेदनशीलता से उनकी समस्याएं सुनती हैं। महिला उत्पीड़न के प्रति समाज में सतर्कता बनाए रखें। महिला सुरक्षा टीम- एमएसटी श्रीमती चांद प्रभा ने हेल्पलाइन नंबरों- 1090- महिला हेल्पलाइन, 112- एकीकृत आपातकालीन सेवा, 181- महिला असहायता हेल्पलाइन, 1930- साइबर क्राइम हेल्पलाइन की विस्तार से जानकारी दी। एसआई श्रीमती स्वाति चौधरी ने कानूनी अधिकार और प्रावधान पर बोलते हुए कहा, घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के विशेष प्रावधान पूर्ण गोपनीयता और सुरक्षा की गारंटी देता है। वक्ताओं ने कहा, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी को अपना ओटीपी न बताएं। स्क्रीनशॉट सबूत के रूप में संभाल कर रखें। शिकायत दर्ज कराने के लिए साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन का उपयोग करें। केवल सुरक्षित वेबसाइट्स- एचटीटीपीएस का उपयोग करें। सार्वजनिक वाई-फाई पर संवेदनशील लेनदेन से बचें। कार्यक्रम में एसआई श्री सुकेश कुमार, एसआई श्री प्रशांत त्यागी के अलावा समन्वयक मिस शिप्रा गंगवार, मिस प्रिया शर्मा, श्रीमती हिमानी राठी, श्री हरीश शर्मा, श्री रंजीत तिवारी के संग-संग बीपीटी, एमपीटी के छात्र-छात्राओं ने शिरकत की।


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