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“टमाटर के बाद अब प्याज भी होगा महंगा” अभी मिल रहा है 30 रुपये किलो, 70 रुपये तक जा सकता है भाव

नई दिल्‍ली. टमाटर (Tomato Price Rise) की आसमान छूती कीमतों से जूझ रहे आम आदमी के लिए एक और बुरी खबर है. टमाटर के बाद अब प्‍याज के भाव (Onion Price Hike) भी बढ़ने लगे हैं. कुछ दिन पहले तक 15 रुपये किलो बिकने वाला प्याज अब 25 से 30 रुपये प्रति किलो हो गया है. क्रिसिल (Crisil) ने अपनी एक रिसर्च रिपोर्ट में आशंका जताई है कि सितंबर की शुरुआत में प्याज की खुदरा बाजार में कीमत 60-70 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा सकती है. बारिश से फसलों को हुए नुकसान के कारण प्याज के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं.

 

क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्‍याज का वार्षिक उत्पादन 2.9 करोड़ मीट्रिक टन होने का अनुमान है, जो पिछले पांच वर्षों (2018-2022) के औसत से 7 प्रतिशत अधिक है. यह रिपोर्ट टमाटर की कीमतें बढ़ने के बाद आई है. वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि सितंबर की शुरुआत तक टमाटर की कीमतें स्थिर होने की उम्मीद है.

टमाटर की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से लोग परेशान हैं.

 

बेमौसम बारिश से प्‍याज का नुकसान
क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि असामान्य मौसम की स्थिति ने पारंपरिक आपूर्ति को बाधित कर दिया है. प्याज की कीमतें फिलहाल 30 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास हैं. उच्च तापमान के कारण फरवरी में प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान में रबी की फसल जल्दी पक गई. इसके अलावा, मार्च में इन क्षेत्रों में बेमौसम बारिश ने प्याज की गुणवत्ता को प्रभावित किया. मूसलाधार बारिश से प्‍याज की शेल्फलाइफ छह महीने से घटकर 4-5 महीने रह गई. इससे भंडारण संबंधी चिंताएं बढ़ गईं. प्‍याज के खराब होने की आशंका से किसानों ने घबराहट में ज्‍यादा बिक्री की.

क्रिसिल का कहना है कि सितंबर के बजाय अगस्त के अंत तक खुले बाजार में रबी स्टॉक में काफी गिरावट आने की उम्मीद है. 15-20 दिन पहले ही आपूर्ति कम होने से बाजार में कीमतें बढ़ जाएंगी. क्रिसिल ने अनुमान जताया है कि सितंबर की शुरुआत में प्याज की खुदरा बाजार में कीमत 60-70 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा सकती है.

 

अक्टूबर से मिलेगी राहत
क्रिसिल के डायरेक्टर पूषन शर्मा के अनुसार, अक्टूबर में खरीफ की आवक शुरू होने पर प्याज की आपूर्ति में सुधार होना चाहिए, जिससे कीमतें कम हो सकती हैं. फिलहाल लोग टमाटर की बढ़ी कीमतों से ही बहुत परेशान हैं. अब अगर प्‍याज का रेट भी बढ़ गया, तो लोगों के रसोई का बजट बिगड़ना तय है.

 

 

 


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