उमरिया। जिले के अंतर्गत खरीदी केंद्रों में बारदाने की क्वॉलिटी बिल्कुल खराब है,बारदाने खराब होने से धान में हवा लगेगी और जल्दी ही धान खराब हो सकती है,इसके अलावा फ़टे पुराने बारदानों से खरीदी केंद्र प्रभारियों को भी काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जिले के सभी 42 खरीदी केंद्रों में 46 फीसदी बारदाने मिलर्स उपलब्ध कराएंगे,इसके अलावा 54 फीसदी बारदाने एनसीसीएफ (नेशनल कॉपरेटिव कन्ज़्यूमर फेडरेशन आफ इंडिया) खरीदी केंद्रों में बारदाने उपलब्ध कराएंगे।नियमतः 54 फीसदी बारदाने बिल्कुल नए देने है,इसके अलावा 46 फीसदी बारदाने महज एक बार उपयोग की गई हो।जबकि मिलर्स जो बारदाने खरीदी केंद्र भेज रहे है,वो पूर्णतः रद्दी और फ़टी पुरानी है।इस बावत कई खरीदी केंद्र प्रभारियों ने जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत भी की है,पर इसका कोई खास असर देखने को नही मिल रहा है।जिले में करीब 31 मिलर्स है,जो खरीदी केंद्रों में 46 फीसदी बारदाने उपलब्ध करा रहे है।जानकारों की माने तो लोकल बाजार से मिलर्स सस्ते दामों में बारदाने क्रय कर खरीदी केंद्र भेज रहे है,जबकि इसके विरुद्ध इन मिलर्स को 30 से 35 रुपये प्रति बारदाने का भुगतान किया जाना है।जिले में कुल 42 खरीदी केंद्रों में तकरीबन 40 लाख बारदानों की अनुमानित खपत है,ऐसे में खरीदी केंद्रों में मिलर्स को 46 फीसदी यानी तकरीबन 18 लाख बारदाने खरीदी केंद्रों में उपलब्ध करना होगा।कुल मिलाकर फ़टे-पुराने बारदानों को खरीदी केंद्रों में उपलब्ध कराकर मिलर्स एक तरफ शासन को चूना लगा रहे है,वही मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर मे मिलर्स केंद्र प्रभारियों के लिए भी केंद्रों में मुश्किल खड़ी कर रहे है।
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