कुलदीप सिंह
लखीमपुर-खीरी। भारत की आजादी के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लखीमपुर के भीखमपुर निवासी वीर सपूत पंडित राजनरायन मिश्रा को अंग्रेजों ने 24 वर्ष की आयु में 9 दिसंबर 1944 को फांसी दी थी। शुक्रवार को उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर सीतापुर आंख अस्पताल, लखीमपुर में स्थित उनकी प्रतिमा पर प्रमुख समाजसेवी आचार्य संजय मिश्रा की उपस्थिति में पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया गया और रोली-चंदन से तिलक कर श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में ब्रजेश मिश्रा, अवधेश मिश्रा, परशुराम सेना के मंडल अध्यक्ष पुत्तन मिश्रा, वीरेश वर्मा, अरुण सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर आचार्य संजय मिश्रा ने कहा कि “देश को स्वतंत्र हुए 78 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी शहीद राजनरायन मिश्रा और उनके परिवार को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार हैं।”
उन्होंने मांग की कि—
- लखीमपुर में जहां राजनरायन जी की प्रतिमा स्थित है, उसे सार्वजनिक पार्क घोषित कर उसका सुंदरीकरण किया जाए।
- लखीमपुर के रोडवेज बस स्टेशन का नाम शहीद राजनरायन मिश्रा के नाम पर रखा जाए।
- उनके नाम पर बने रेलवे स्टेशन का भी सुंदरीकरण कराया जाए।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी इन मांगों का समर्थन किया और सरकार से शहीद को उचित सम्मान देने की अपील की।



