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यूजीसी 2026 के विरोध में रामलीला मैदान प्रदर्शन पर पुलिस की रोक, स्वामी आनन्द स्वरूप नजरबंद

नई दिल्ली। राजधानी के रामलीला मैदान में 8 मार्च को प्रस्तावित यूजीसी 2026 के विरोध में होने वाले प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस ने अंतिम समय में रोक लगा दी। इस कार्रवाई को लेकर आयोजकों और सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

आरोप है कि पुलिस ने न केवल प्रदर्शन की अनुमति रद्द की, बल्कि करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत, स्वामी आनन्द स्वरूप, पंकज धरवईया, पत्रकार अजित भारती सहित संगठन से जुड़े कई लोगों को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया, ताकि प्रस्तावित कार्यक्रम आयोजित न हो सके।

स्वामी आनन्द स्वरूप ने पुलिस और सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि दिल्ली पुलिस को कार्यक्रम की अनुमति नहीं देनी थी तो पहले ही स्पष्ट कर देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस आयोजन की तैयारी में संगठन के लोग पिछले एक महीने से जुटे हुए थे और अंतिम समय में रोक लगाकर सारी मेहनत बेकार कर दी गई।

स्वामी आनन्द स्वरूप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष को रात नौ बजे तक रिहा नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।

इस बीच स्वामी आनन्द स्वरूप ने देशवासियों के नाम संदेश जारी करते हुए छात्रों, युवाओं, शिक्षकों और जागरूक नागरिकों से अपील की थी कि 8 मार्च को सुबह 10 बजे रामलीला मैदान, दिल्ली में एकत्र होकर शिक्षा के क्षेत्र में लागू किए जा रहे कथित अन्यायपूर्ण नियमों के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के युवाओं और भविष्य का आंदोलन है और शिक्षा में अन्याय व भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खबर लिखे जाने तक करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं की रिहाई को लेकर शासन या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई थी। इस बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लगातार अलग-अलग स्थानों पर ले जाए जाने की खबर मिल रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।


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