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आंगनबाड़ी केंद्रों के औचक निरीक्षण में कई अनियमितताएं उजागर, बंद मिले चार केंद्र

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
07 मार्च।
जिला पदाधिकारी विशाल राज के निर्देश पर जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर जिला प्रशासन ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, बच्चों की वास्तविक उपस्थिति, पोषण आहार की व्यवस्था, अभिलेख संधारण तथा आधारभूत संरचना की स्थिति की जांच करना था।


औचक निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत राज पदाधिकारी मो. जफर आलम ने कोचाधामन प्रखंड के डेरामारी पंचायत, वरीय उप समाहर्ता सुनीता कुमारी ने ठाकुरगंज प्रखंड के नगर क्षेत्र, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अंकिता सिंह ने पोठिया प्रखंड के छतरगाछ पंचायत, जिला योजना पदाधिकारी कुंदन कुमार सिंह ने बहादुरगंज प्रखंड के डांगी पंचायत, डीआरडीए निदेशक शशिम सौरभ मणि ने टेढ़ागाछ प्रखंड के कालपी पंचायत, परियोजना पदाधिकारी सह निदेशक राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम मनोज कुमार ने किशनगंज प्रखंड के हालामाला तथा सहायक निदेशक जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग आलोक कुमार भारती ने दिघलबैंक प्रखंड के तुलसिया पंचायत के कुल 57 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया।


निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों में पोषण आहार का भोजन तैयार नहीं पाया गया, जिसे गंभीर लापरवाही मानते हुए इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। कई केंद्रों पर बच्चों की वास्तविक उपस्थिति बेहद कम पाई गई, जबकि उपस्थिति पंजी में सभी बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर दी गई थी। इस गड़बड़ी को लेकर अभिलेखों और संबंधित पंजियों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान चार आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद पाए गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित सेविका और जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।


जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई केंद्रों का पर्यवेक्षण नियमित रूप से नहीं किया जा रहा है। पर्यवेक्षक और संबंधित सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी) द्वारा केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण नहीं किए जाने के कारण ऐसी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में सेविका, सहायिका के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने कहा है कि निरीक्षण से प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर सभी मामलों में आवश्यकतानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


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