google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

यूजीसी की ‘इक्विटी कमेटी’ का विरोध अनुचित : बहन मायावती

सभी वर्गों को विश्वास में लेने की सलाह, दलित-पिछड़ों को भड़काऊ नेताओं से सावधान रहने की अपील

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री बहन मायावती ने कहा है कि देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिवादी भेदभाव दूर करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों में ‘इक्विटी कमेटी’ (समता समिति) बनाने का निर्णय स्वागत योग्य है। लेकिन सामान्य वर्ग के कुछ जातिवादी मानसिकता वाले लोगों द्वारा इसे अपने खिलाफ साजिश बताकर किया जा रहा विरोध कतई उचित नहीं है।

बहन मायावती ने कहा कि यदि इस प्रकार के नए नियम लागू करने से पहले सभी वर्गों को विश्वास में ले लिया जाता, तो अनावश्यक विवाद और सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। इसलिए सरकारों और सभी शिक्षण संस्थानों को इस दिशा में गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने दलितों, पिछड़ों और अन्य कमजोर वर्गों से भी अपील की कि वे अपने ही समाज के स्वार्थी तथा बिकाऊ नेताओं की भड़काऊ बातों में न आएँ, जो ऐसे मुद्दों की आड़ में अपनी घटिया राजनीति चमकाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के हित में सावधानी और एकता बहुत ज़रूरी है।

मायावती ने स्पष्ट किया कि ‘इक्विटी कमेटी’ किसी वर्ग के खिलाफ नहीं बल्कि सभी छात्रों को समान अवसर, सुरक्षा और न्याय दिलाने की एक आवश्यक पहल है, जिसका उद्देश्य शिक्षा संस्थानों में समता और सौहार्द स्थापित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी लोग इसे सकारात्मक रूप से स्वीकार करेंगे।

Source twitter


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)