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यूपी का स्थापना दिवस : आत्ममंथन और नव-संकल्प का अवसर: दयाशंकर पाण्डेय

विजय शंकर पांडेय/ समाज जागरण।

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश का विकास केवल एक राज्य की प्रगति नहीं, बल्कि भारत के समग्र उत्थान की आधारशिला है। यह विचार ग्रामीण भूमि विकास बैंक, राबर्ट्सगंज के नव-निर्वाचित चेयरमैन दयाशंकर पाण्डेय ने व्यक्त किए। वे ईश्वर प्रसाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, देवरा राजा में आयोजित उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना, श्रमशील जनता और युवा शक्ति यदि संगठित दिशा में आगे बढ़े, तो प्रदेश ही नहीं, राष्ट्र के विकास की गति भी तीव्र होगी। स्थापना दिवस आत्ममंथन के साथ-साथ नव निर्माण के संकल्प का दिन है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रबंधक मनीष पाण्डेय ने ऐतिहासिक संदर्भ प्रस्तुत करते हुए बताया कि 24 जनवरी 1950 को संयुक्त प्रांत (United Provinces) का नाम औपचारिक रूप से बदलकर उत्तर प्रदेश रखा गया। उन्होंने कहा कि यह दिन प्रशासनिक पहचान के साथ-साथ जनआकांक्षाओं के साकार होने का प्रतीक है।

स्वागत भाषण में समाजशास्त्री डॉ. विमलेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस मनाने का मूल उद्देश्य ‘उत्तम प्रदेश’ की अवधारणा को सुदृढ़ करना है—यही हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए। विषय प्रवर्तन मृत्युंजय नारायण ने किया, जिसमें प्रदेश की सामाजिक-सांस्कृतिक यात्रा और समकालीन चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य माँ सरस्वती एवं महाविद्यालय के प्रेरणास्रोत पंडित ईश्वर प्रसाद पाण्डेय के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण से हुआ। प्रबंधक मनीष पाण्डेय ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सारस्वत सम्मान प्रदान किया। वहीं डॉ. विमलेश त्रिपाठी ने रामचरितमानस की प्रति और पंचांग भेंट कर अतिथि का अभिनंदन किया।

कार्यक्रम का कुशल संचालन भोलानाथ मिश्र ने किया। आयोजन की सफलता में बृजेश सिंह पटेल, विनय प्रजापति, कार्यालय अधीक्षक विनीत पाण्डेय, संदीप, रामचंद्र पाण्डेय एवं सरिता का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर विमलेश पाठक, गीता देवी मौर्या सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि ईश्वर प्रसाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं ईश्वर प्रसाद विधि महाविद्यालय अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ शिक्षणेत्तर गतिविधियों के माध्यम से छात्रों के लिए सामाजिक चेतना के सशक्त केंद्र के रूप में निरंतर पहचान बना रहे हैं।


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