डॉक्टर भानु ने वेगस नर्व सक्रियण, योग और प्राकृतिक हीलिंग पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया
लखनऊ, 02 दिसंबर 2025: पूर्वाञ्चल ग्रामीण विकास संस्थान, लखनऊ के तत्वावधान में वेगस नर्व सक्रियण एवं स्वास्थ्य विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष प्रशिक्षण का संचालन प्रसिद्ध स्वास्थ्य प्रशिक्षक डॉक्टर भानु ने किया।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को वेगस नर्व की भूमिका, तनाव और भावनात्मक स्वास्थ्य से उसका संबंध, तथा शरीर की प्राकृतिक हीलिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके साथ ही श्वास तकनीक, सरल योग, रिलैक्सेशन अभ्यास और प्राकृतिक स्वास्थ्य सुधार पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
🔹 कार्यक्रम की विशेष बातें
डॉक्टर भानु ने बताया कि आभा ग्राम स्वास्थ्य अभियान (PGVS) के अंतर्गत लोगों को वेगस नर्व सक्रियण और सुख हार्मोन / न्यूरोट्रांसमीटर (डोपामिन, सेरोटोनिन, ऑक्सीटोसिन, एंडॉर्फिन, मेलाटोनिन) को बेहतर तरीके से रिलीज करना सिखाया जाता है।
- यह स्वास्थ्य पद्धति कम खर्चीली, टिकाऊ और प्रभावी है।
- विशेष व्यायाम, प्राणायाम, दिनचर्या, रितुचार्य और कच्चा भोजन शरीर में वेगस नर्व सक्रियण बढ़ाते हैं।
- परिणामस्वरूप मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है और कई बीमारियाँ दूर रहती हैं।
🔹 ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका
PGVS प्रोग्राम मैनेजर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि आभा केंद्र गाँवों में स्थापित किए जा रहे हैं, जहाँ लोग आसानी से पहुँच सकते हैं। यह केंद्र उपचार नहीं करते, बल्कि जीवनशैली सुधार, योग, भावनात्मक संतुलन और सामूहिक सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य सुधार पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
संयुक्त सचिव नयोनी मल ने बताया कि हरदोई जिले के बहेंदर ब्लॉक में आभा ग्राम स्वास्थ्य अभियान का संचालन हो रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्वस्थ, खुशहाल, नशामुक्त और मानसिक रूप से संतुलित बनाना है।
केंद्र संचालक मोनिका देवी, सोनिका, रागिनी, रूबी, आंशिकी, ललारम ने कहा कि यह प्रशिक्षण उनके व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ-साथ समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगा।
वित्त प्रबंधक आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को सरल, वैज्ञानिक और प्रभावी स्वास्थ्य पद्धतियों से जोड़ना है।
🔹 समापन
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए और औषधीय पौधे के रूप में तुलसी के पेड़ वितरित किए गए, ताकि वे व्यक्तिगत और सामुदायिक स्वास्थ्य में इसका उपयोग कर सकें।



