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आखिर कब मुक्त होगी माई की बगीया गणेश पाठक के चुंगल से।

जिला कलेक्टर अनूपपुर को ध्यान देने की है जरूरत-

अनूपपुर।
जिले का सुप्रसिद्ध व पवित्र नगरी अमरकंटक के माई की बगीया में लगभग तीन वर्षों से बतौर नगर परिषद कर्मचारी गणेश पाठक पदस्थ है, जिसका विवादों के साथ चोली दामन का रिश्ता बना ही रहता है। कारण तीन वर्षों से यहां पहुंचने वाले श्रध्दालुओं के साथ परिक्रमा के नाम पर लूटने का सिलसिला बरकरार है। जिसकी दर्जनों शिकायत स्थानीयजनों द्वारा सम्बंधित विभाग में भी किया जा चुका है, किन्तु मजाल है कि प्रशासन के जिम्मेदारों ने मामले पर कभी संज्ञानता दिखाया हो।

यही कारण है कि उक्त कर्मचारी के हौसले बुलंद हैं, एवं आस्था के इस पवित्र नगरी के पवित्र स्थान माई कि बगिया में लूट-खसोट का कारोबार बदस्तूर जारी है।

कर्मचारी द्वारा किया गया है गुर्गों कि तैनाती-

प्राप्त जानकारी अनुसार नगर परिषद के पदस्थ कर्मचारी द्वारा बीते लम्बे समय से तैनात किए हुए गुर्गों के माध्यम से माई की बगिया में जो भी चीजें चढ़ाई जाती है, उसमें से आधे से अधिक चीजों को अपने घर में पहुंचवा लिया जाता है, साथ ही मंदिर में चढ़ा हुआ नारियल को वापस दुकानों में बिकवाकर लोक आस्था पर कुठाराघात किया जाता है।

तट परिवर्तन के नाम पर किया जाता है अभद्रता-

जानकार यह भी बताते हैं कि माई की बगिया में परिक्रमा वासियों के लिए किसी भी प्रकार की कोई भी सुविधा उपलब्ध नही है, जिससे परिक्रमा वासीयों को परेशानी तो होती है साथ ही तट परिवर्तन के नाम पर अभद्र व्यवहार भी किया जाता है, जो निश्चिततौर पर गम्भीर चिंता का विषय है।

जिला अधिकारी को संज्ञानता दिखाने कि है आवश्यकता

तरह-तरह के क्रियाकलापों के कारण चर्चा का केन्द्र बने पवित्र नगरी अमरकंटक के माई कि बगिया के प्रति जिला प्रशासन को निश्चिततौर पर गम्भीरता दिखाकर मामले पर संज्ञान लेने कि आवश्यक्ता है, जिससे लोगों कि आहत हो रही भावनाओं कि मर्यादा बरकरार रहे। एवं उक्त कर्मचारी कि कार्यशैली पर उठ रहे सवालों कि भी जांच आवश्यक है जिससे मामले कि वास्तविकता व यथास्थिति स्पष्ट हो सके।


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