मृतक की पत्नी समेत तीन गिरफ्तार
अभय कुमार मिश्रा, दैनिक समाज जागरण, ब्यूरो चीफ, कोल्हान झारखंड
सरायकेला खरसावां (झारखंड) 29 जनवरी 2025 : आदित्यपुर थाना क्षेत्र के सालडीह बस्ती निवासी रतन गोराई की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर घटना का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में मृतक की पत्नी मेनका गोराई, उसका प्रेमी राजू डे और सहयोगी गहुल तिवारी उर्फ गोलू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मेनका गोराई के राजू डे के साथ अवैध संबंध थे। इस कारण वह अपने पति रतन गोराई से छुटकारा पाना चाहती थी। उसने पहले भी कई बार अपने पति की हत्या की साजिश रची, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण सफल नहीं हो सकी। प्रेस कांफ्रेंस में सरायकेला एसडीपीओ समीर कुमार सवैया ने बताया कि 25 जनवरी 2025 को रतन गोराई आदित्यपुर स्थित प्लास्टिक प्रीमियम कंपनी में नाइट ड्यूटी पर गए थे, लेकिन घर नहीं लौटे। उनकी पत्नी मेनका गोराई ने आदित्यपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 26 जनवरी को रतन गोराई का शव भाटिया बस्ती ओवरब्रिज के नीचे एक नाले के पास मिला। शव पर चाकू के कई वार के निशान थे, जिससे स्पष्ट हुआ कि उनकी निर्मम हत्या की गई थी। हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सरायकेला-खरसावां के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में मेनका गोराई (मृतक की पत्नी), उम्र 40 वर्ष, राजू डे, उम्र 41 वर्ष और गहुल तिवारी उर्फ गोलू, उम्र 24 वर्ष शामिल हैं। पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त सामानों में चाकू (खुखरी), जिससे हत्या की गई, गला घोंटने में इस्तेमाल किया गया भगवा रंग का गमछा, घटना के समय उपयोग में लिया गया 06 बीयर का केन, मृतक का टूटा हुआ मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों के 02 मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल संख्या जेएच05डीए-0994 बरामद किया है।
छापामारी दल के सदस्यों में सरायकेला एसडीपीओ समीर सवैया, आदित्यपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह, पीएसआई रविकांत पराशर, पीएसआई सुरेश राम, पीएसआई विनोद टुडू, पीएसआई सुधांशु कुमार, सहायक निरीक्षक समा सुसारी लकड़ा, महिला आरक्षी जाही मुर्मू, आरक्षी नितीश कुमार पांडेय, शिवशंकर दास एवं अन्य बल शामिल थे। गिरफ्तार अभियुक्तों को विधिवत न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और अन्य संभावित साजिशकर्ताओं की भी तलाश जारी है। पुलिस ने कहा कि यह हत्या पूरी तरह से पूर्व नियोजित थी और आरोपियों ने पहले भी कई बार हत्या की कोशिश की थी। जांच में यह भी सामने आया कि मृतक मानसिक रूप से अस्वस्थ था और उसका इलाज चल रहा था। पुलिस का कहना है कि इस कांड में शामिल अन्य संभावित संदिग्धों की भी जांच की जा रही है। यह घटना पारिवारिक विवाद और अवैध संबंधों का नतीजा थी। पुलिस की तत्परता से मामले का 24 घंटे में खुलासा हो गया और तीनों अपराधी गिरफ्त में आ गए। पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
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