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मुफ्त बस यात्रा की सौगात के बीच सोनभद्र डिपो में घंटों परेशान रहीं महिलाएं

समाज जागरण/ ब्यूरो चीफ विजय कुमार अग्रहरी

सोनभद्र। रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्रदेश की महिलाओं को 72 घंटे की मुफ्त बस यात्रा की सौगात दी गई, लेकिन सोनभद्र रोडवेज डिपो की व्यवस्था इस पहल की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती नजर आई। भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए वाराणसी जाने को भोर तीन बजे से डिपो पहुंचीं महिलाएं घंटों बस का इंतजार करती रहीं। समय बीतने के साथ महिलाओं की परेशानी और नाराजगी बढ़ती गई।


रक्षाबंधन के दिन बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके और भाइयों के घर जाने के लिए रोडवेज डिपो पहुंचीं। वाराणसी जाने वाली बस के इंतजार में कई महिलाएं घंटों डिपो में खड़ी रहीं। उनका कहना था कि रक्षाबंधन साल में एक बार आता है और भाई की कलाई पर समय से राखी बांधना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में बस नहीं मिलने से उन्हें त्योहार की खुशियों के बजाय परेशानी का सामना करना पड़ा। डिपो में बस की प्रतीक्षा कर रही एक महिला ने बताया कि वह सुबह तीन बजे से यहां खड़ी हैं। उनका उद्देश्य समय से वाराणसी पहुंचकर भाई को राखी बांधना है।

उन्होंने कहा कि यदि बस समय पर नहीं मिली और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त निकल गया तो मुफ्त यात्रा की सुविधा का क्या फायदा? एक अन्य महिला ने कहा कि सरकार ने महिलाओं की यात्रा मुफ्त कर दी, लेकिन डिपो में पर्याप्त बसों की व्यवस्था नहीं की गई। उनका सवाल था कि जब रक्षाबंधन पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की जानकारी पहले से थी तो अतिरिक्त बसों की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें बस के संचालन को लेकर भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी। तीसरी महिला ने कहा कि त्योहार के दिन घंटों इंतजार करने के बाद अगर बस मिले भी तो समय पर गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल होगा।

उन्होंने रोडवेज की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार सुविधा दे रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर व्यवस्था ठीक नहीं होने से महिलाओं को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। महिलाओं की समस्या को लेकर जब एआरएम नन्दलाल से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि सुबह सात बजे से बस उपलब्ध होगी। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब मुफ्त यात्रा की घोषणा पहले से थी और रक्षाबंधन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना स्पष्ट थी, तो भोर में ही बसों की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई। महिलाओं का कहना था कि सरकार की सुविधा तभी सार्थक होगी, जब उसका लाभ समय पर और व्यवस्थित तरीके से यात्रियों तक पहुंचे।


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