ब्यूरो चीफ/ समाज जागरण
सोनभद्र। एनटीपीसी सिंगरौली जो भारत की महारत्न कंपनी है मजदूरों से 12 घंटे काम करा के 8 घंटे का मजदूरी देकर मानसिक- शारीरिक शोषण किया जा रहा है। शनिवार को सुबह एनटीपीसी के कोट गेट पर मजदूरों का जमावड़ा शुरू हो गया मजदूरों द्वारा बताया गया कि लंच करने के लिए मात्र 10 मिनट का समय दिया जाता है जबकि यह 1 घंटे का होना चाहिए लंच करने में थोड़ा सा भी देर हुआ तो साइड इंचार्ज आकर गेट पास छीन लेता है और नौकरी से निकाल देने की धमकी देता है इसकी शिकायत जब उच्च अधिकारियों से किया गया तो उनका कहना था कि इसमें क्या गलत है । पानी जब सर के ऊपर चला गया तो हम मजदूर को सड़क पर आना पड़ा बताते चले की। सोनभद्र एनटीपीसी सिंगरौली परियोजना में एफजीडी सिस्टम बनाने के लिए पी एस इंजीनियरिंग को काम आवंटित किया गया है जो लगभग अब समाप्त होने के कगार पर है ऐसे में मजदूरों का शोषण करके कंपनी द्वारा उन्हें भगाने के फिराक में है ताकि उनका पीएफ, बोनस पेंशन राशि देने से बचा जा सके। यह बात एनटीपीसी के उच्च अधिकारियों को भी पता है पर अपने निजी स्वार्थ के खातिर कोई कार्रवाई न करते हुए उल्टा मजदूरों पर ही आरोप मढ दिए। एफजीटी सिस्टम का जब से काम शुरू हुआ है तभी से ही दर्जनों दुर्घटनाएं हो चुकी है जिसमें से तीन-चार लोगों की मौत अभी तक हो चुकी है कार्रवाई के नाम पर शून्य है स्थानीय मजदूरों का मांग था की एनटीपीसी के उच्च अधिकारियों पर कार्रवाई हो।



