चीन–भारत की जोड़ी देगी दुनिया की 43.6% आर्थिक वृद्धि
नई दिल्ली/अंतरराष्ट्रीय डेस्क – अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के ताज़ा अनुमानों के अनुसार वर्ष 2026 में वैश्विक वास्तविक जीडीपी ग्रोथ का सबसे बड़ा योगदान एशिया से आने वाला है। चीन और भारत मिलकर दुनिया की कुल आर्थिक वृद्धि का 43.6% योगदान देंगे, जो विश्व अर्थव्यवस्था में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की बढ़ती शक्ति को दर्शाता है।

IMF के अनुसार वैश्विक आर्थिक वृद्धि में शीर्ष 10 योगदानकर्ता इस प्रकार हैं—
🇨🇳 चीन — 26.6%
🇮🇳 भारत — 17.0%
🇺🇸 संयुक्त राज्य अमेरिका — 9.9%
🇮🇩 इंडोनेशिया — 3.8%
🇹🇷 तुर्किये — 2.2%
🇳🇬 नाइजीरिया — 1.5%
🇧🇷 ब्राज़ील — 1.5%
🇻🇳 वियतनाम — 1.6%
🇸🇦 सऊदी अरब — 1.7%
🇩🇪 जर्मनी — 0.9%
🌏 एशिया-प्रशांत: वैश्विक वृद्धि का इंजन
IMF रिपोर्ट बताती है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र लगभग 50% वैश्विक विकास में योगदान देगा। चीन की मजबूत औद्योगिक उत्पादन वृद्धि और भारत की तेज़ी से बढ़ती घरेलू मांग, दोनों मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देंगी।
🔍 क्या मतलब है इन आंकड़ों का?
विश्व अर्थव्यवस्था की बहाली में एशिया निर्णायक भूमिका निभा रहा है।
चीन और भारत की उच्च विकास दर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और बाजारों में स्थिरता लाने में मदद करेगी।
उभरती अर्थव्यवस्थाएँ—इंडोनेशिया, वियतनाम, नाइजीरिया—भी दुनिया की नई विकास धुरी बनती दिख रही हैं।
📌 IMF स्रोत
ये आंकड़े IMF के नवीनतम World Economic Outlook अनुमानों पर आधारित हैं।
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