•~ पुलिस का अंकुश नहीं,बने हैं निरंकुश, अलसुबह से देर रात तक चलता है शराब का दौर
•~ हौसलें काफी बुलंद,कभी भी कोई अनहोनी,अप्रिय घटना घटित होने की बनी प्रबल संभावना
अवधेश कुमार गुप्ता/ समाज जागरण
गुरमा/ सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के गुरमा चौकी अंतर्गत मारकुंडी, मीनाबाजार गुरमा, सातनंबर, ओवरी, अवई, केवटा, सलखन, पटवध समेत आसपास के ग्रामीण अंचलों मे ठेले, गुमती, ढ़ाबा होटलों तथा किराना के दुकानों पर अवैध रूप से ठेके(सरकारी) का ठर्रा(शराब) बिक रहा है और ढ़रकी(शराबी) नशे में चूर,मदमस्त उत्पात मचा रहे हैं,जिन पर इलाकाई पुलिस का कोई अंकुश नहीं रह गया है जिससे यह निरंकुश बने हुए हैं। शराब की नशे में शराबी क्या कर गुजर जाएंगे कुछ कहां नहीं जा सकता। शाम ढलते हैं चट्टी, चौराहों, सड़कों पर शराबियों का जमावड़ा लगने लगता हैं जो देर रात तक चलता रहता है। राह चलते सम्भ्रांत नागरिकों, महिलाओं, लड़कियों का चलना दुश्वार सा हो जाता है। शराबियों के हो-हल्ला, शोरगुल से अशांति का माहौल उत्पन्न हो जाता है। लोग डर के साए में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।इलाकाई पुलिस चुप्पी साधे,मौन, निष्क्रिय बनी हाथ पैर हाथ धरे चैन की बंसी बजाने में मशगूल है जबकि इस संबंध में अनेको बार संबंधितों को अवगत कराया गया बावजूद इसके आज तक कोई उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।इससे उनके हौसलें काफी बुलंद हैं।कभी भी कोई अनहोनी अप्रिय घटना घटित होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। लोगों में तीव्र आक्रोश व्याप्त है।
क्षेत्रीय प्रबुद्ध नागरिकों ने इस संबंध में पुलिस प्रशासन का ध्यान इस तरफ आकृष्ट करते हुए अविलंब ही उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है ताकि क्षेत्र में शांति का माहौल बना रह सके तथा भविष्य में होने वाले अप्रिय वारदात घटित होने से रोका जा सके। देखने अब यह है कि इस दिशा में पुलिस प्रशासन कहां तक पहल कर पाने में सक्षम हो पाती है ?
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