वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
आरबीएसके के तहत निःशुल्क इलाज, पटना के विशेष शिविर में भेजे गए मरीज
किशनगंज, 05 अप्रैल।
जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना गरीब परिवारों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। इसी कड़ी में किशनगंज जिले से 10 बच्चों को बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में आयोजित 11वें विशेष शिविर के लिए रवाना किया गया।
यह योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत संचालित है, जिसके तहत गांव स्तर पर स्क्रीनिंग कर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाती है और उनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाता है। शिविर में अहमदाबाद के श्री सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा बच्चों की जांच और उपचार किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में सदर अस्पताल किशनगंज से 8 बच्चों को तीन एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित पटना भेजा गया, जबकि 2 बच्चे अपने परिजनों के साथ ट्रेन से रवाना हुए। सभी बच्चों के सुरक्षित एवं समयबद्ध उपचार के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
इस शिविर में ठाकुरगंज, पोठिया, किशनगंज एवं कोचाधामन प्रखंड के बच्चों को शामिल किया गया है। इनमें तबस्सुम खातून, अल्फाज हुसैन, राजेंद्र कुमार राजभर, सलमान रजा, सोहन हरिजन, आरती कुमारी, सुहेब, शिवांश कुमार, आंचल कुमारी एवं रागिनी कुमारी शामिल हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. मुनाजिम ने बताया कि इन बच्चों की पहचान आरबीएसके टीम द्वारा गांव-स्तर पर गहन जांच के दौरान की गई।
उन्होंने कहा कि यह योजना समय पर पहचान, उचित रेफरल और संस्थागत उपचार का एक समन्वित मॉडल है, जिससे कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित नहीं रहता।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि यह योजना राज्य की संवेदनशील स्वास्थ्य नीति का उदाहरण है, जो महंगे इलाज को भी आमजन के लिए सुलभ बना रही है। वहीं जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय के तहत संचालित यह पहल स्वास्थ्य के क्षेत्र में सामाजिक न्याय को मजबूत कर रही है।
उल्लेखनीय है कि जिले में इससे पूर्व भी कई बच्चों का इस योजना के तहत सफल उपचार किया जा चुका है। लगातार मिल रही सफलता से यह योजना अब गरीब परिवारों के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बन गई है।



