100 करोड़ से बना सिलवार पॉलिटेक्निक कॉलेज किसी काम का नहीं – प्रभु दयाल कुशवाहा

मिंटू कुमार संवाददाता दैनिक समाज जागरण हजारीबाग ।100 करोड़ की लागत से बना हजारीबाग जिले का बना पहला पॉलिटेक्निक कॉलेज आज खंडार में तब्दील होते जा रहा है। न यहां कोई पॉलिटेक्निक के छात्र की पढ़ाई शुरू हो पाई और न ही इसे संचालित करने के लिए सरकार ने गंभीर निर्णय लिया । लगभग 13 वर्ष पहले बना कॉलेज की खिड़कियां- दरवाजे अब टूटने लगे हैं और करोड़ों की लागत से बना भवन जर्जर और खंडहर बनने को आतुर है ।

पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना 2012-13 में इसलिए किया गया था की न सिर्फ हजारीबाग जिले के छात्र इस पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ सकेंगे बल्कि आसपास जिलों के भी और पूरे झारखंड से छात्र यहां पॉलिटेक्निक की शिक्षा ले पाते । लेकिन इसके पहले ही इसे ग्रहण लग गया।


इस मसले को लेकर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने आवाज उठाते हुए विधानसभा के बाहर धरना – प्रदर्शन किया। इनका कहना है कि अगर पॉलिटेक्निक कॉलेज चालू नहीं किया जा सकता है तो इसे लड़कियों के लिए कॉलेज बना दिया जाए ताकि आसपास की लड़कियां- महिलाएं शिक्षा ग्रहण कर सके और भवन भी बचा रहे।
सीपीआई नेता और इस क्षेत्र के पूर्व मुखिया महेंद्र राम प्रजापति ने इसे चालू करवाने के लिए संबंधित पदाधिकारी से संपर्क किया और आवेदन दिया परंतु कोई सुनवाई नहीं हो सकी ।
इधर जनता दल यूनाइटेड हजारीबाग के जिला अध्यक्ष प्रभु दयाल कुशवाहा ने कहा 100 करोड़ का बना पॉलिटेक्निक कॉलेज किसी काम का नहीं ।
इन्होंने कहा कि इस जमीन पर  सिलवार खुर्द के किसान वर्षों से  खेती करते आ रहे थे। इन स्थानीय किसानों से जमीन छीन ली गई और पॉलिटेक्निक कॉलेज बनाया गया । इससे बेहतर था कि खेती करके कई किसान अपना भरण पोषण कर रहे थे । सरकार को गंभीर चिंतन की जरूरत है कि जल्द से जल्द इस भूमि और भवन का सदुपयोग हो । सरकार इस पर कोई मुकम्मल व्यवस्था करे और सरकार का करोड़ों का खर्च का समुचित का उपयोग हो । 2023-24 में इसे शुरू करने के लिए सूचना दी गई थी और वेबसाइट पर भी डाला गया था। परंतु समय आने पर ढांक के तीन पात हो गया।

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