पुस्तकालय सह संग्रहालय के विकास के लिए हर सम्भव करेंगे प्रयास:- पालीगंज एसडीएम
आसपास में बनेगी स्टडी हॉल:- बिधायक डाँ. संदीप सौरभ
समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ शुक्रवार को जिले के दुल्हिन बाजार प्रखण्ड क्षेत्र के भरतपुरा गांव स्थित गोपाल नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय सह संग्रहालय का 113 वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। मौके पर पालीगंज एसडीएम गरिमा लोहिया ने पुस्तकालय सह संग्रहालय के विकास के लिए हर सम्भव प्रयास करने कज़ आश्वासन दी। जबकि स्थानीय बिधायक डॉ. संदीप सौरभ ने पुस्तकालय के समीप ही छात्रों के लिए स्टडी हॉल निर्माण कराने का भी आश्वासन दिया।
जानकारी के अनुसार दुल्हिन बाजार प्रखण्ड के भरतपुरा गांव में भारत मे सातवां स्थान रखनेवाला गोपाल नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय सह संग्रहालय स्थित है। जिसका 113 वां स्थापना दिवस शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम शुरू होने के पहले पूर्व सचिव ध्रुपद नारायण सिंह के आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि व माल्यार्पण किया गया। उसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय सह पालीगंज के माले बिधायक डाँ. संदीप सौरभ, पालीगंज एसडीओ सह कार्यकारिणी के पदेन अध्यक्ष गरिमा लोहिया, पुस्तकालय सचिव मुकेशधारी सिंह व पालीगंज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. श्यामनन्दन शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान अतिथियों को शॉल व गुलदस्ते देकर सम्मानित किया गया। मौके पर पुस्तकालय के सचिव मुकेशधारी सिंह ने पुस्तकालय के विकास से सम्बंधित कई मांगे रखी। वही कार्यक्रम का संचालन कर रहे डाँ. श्यामनन्दन शर्मा ने कहा कि पुस्तकालय आर्थिक संकट से गुजर रही है। ऐसे हालत में संकट से निकलने के लिए जनता की सहयोग अतिआवश्यक है। वही बिधायक डाँ. संदीप सौरभ ने कहा कि यदि सरकार छात्रों के लिए भरतपुरा में स्टडी हॉल बनवाती है तो ठीक है अन्यथा मैं खुद यहां स्टडी हॉल का निर्माण अपनी ओर से करवाऊंगा। जबकि एसडीएम गरिमा लोहिया ने कही की इस पुस्तकालय सह संग्रहालय के विकास तथा आकर्षक बनाने के लिए हर सम्भव प्रयास करूंगी। जिसके लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखी जा रही है। पालीगंज में इस तरह की पुस्तकालय सह संग्रहालय का होना बहुत ही गर्व की बात है। अंत मे पूर्व सचिव स्व. ध्रुपद नारायण सिंह की याद में एक मिनट का मौन धारण कर शोक मनाया। मौजूद लोगों ने कहा कि इस तरह की हजारों पांडुलिपियां, अति प्राचीन व दुर्लभ पुस्तके, पंचमार्क सिक्के सहित हजारों प्राचीन सिक्के, सैकड़ो प्रतिमाओं, सिकन्दर नामा, फिरदौसी रचित शाहनामा, बसावन की पेंटिंग, त्रिपुट सुंदरी सहित दुर्लभ वस्तुओं का संग्रह कर महान कार्य किये है। इस पुस्तकालय सह संग्रहालय के साथ ही ध्रुपद नारायण सिंह का नाम अमर हो चुकी है।
मौके पर पुस्तकालय सह संग्रहालय के कार्यकारिणी सदस्य डॉ. श्यामनन्दन शर्मा, प्रभातधारी सिंह, शिवेन्द्रधारी सिंह, अशोक शर्मा, शब्जा शर्मा, सुमेर सिंह, पूर्व मुखियापति दिलीप सिंह, विश्वनाथ पाठक, अर्चना कुमारी, सौम्या कुमारी, भिखारी भगत व जयप्रकाश कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



