समाज जागरण/ मनोज कुमार चौबे
ओबरा/ सोनभद्र। शिक्षा निकेतन इंटरमीडिएट कॉलेज में बुधवार को युवा उद्यमिता कार्यक्रम-2026 के तहत व्यावसायिक योजना प्रस्तुत करने वाले 20 विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रमाण-पत्र मिलने के बाद विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना रहा। प्रधानाचार्य मुकुंद सिंह गौर ने विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों में संस्कार, आत्मनिर्भरता और उद्यमशील सोच विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि युवाओं में उद्यमिता की भावना विकसित होने से वे भविष्य में स्वयं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने के साथ ही अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं।
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों ने विभिन्न व्यावसायिक योजनाएं प्रस्तुत कर अपनी सोच और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। विद्यालय की ओर से व्यावसायिक योजना प्रस्तुत करने वाले इंद्रेश कुमार, रेहान आलम, तनु उपाध्याय, रिशा कुमारी, नीतू यादव, जूली केशरी, राधिका चंद्रवंशी, अनुराग प्रजापति, इल्मा, सौरांश शुक्ला, रोहन यादव, हर्षिता, महताब, अंजली कुमारी, उमा कुमारी, बृजेश कुमारी, नितीश कुमार, वैभव चौरसिया, दिव्यांशु गुप्ता और दीपक केशरी को सहभागिता प्रमाण-पत्र दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें नए विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ कौशल और व्यावसायिक सोच भी विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का संचालन आचार्य प्रमोद चौबे ने किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने भी उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने विचारों को भविष्य में व्यावसायिक रूप देने की रुचि व्यक्त की।
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