दैनिक समाज जागरण, जिला संवाददाता।( महेन्द्र जावला बहल )
बहल, 20 जनवरी। बहल के निकटवर्ती गांव बिधनोई में दादा गुसाई धाम के बाल योगी तपस्वी महंत बाबा दिवाली नाथ द्वारा 41 दिन की जलधारा व खड़ेश्वरी तपस्या के उपलक्ष्य में आयोजित अनुष्ठान दादा गुरु बाल योगी बाबा महंत छोटूनाथ, हसाण के सानिध्य में 9 नाथों को समर्पित यज्ञ हवन के साथ तपस्या संपन्न हुई और भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर गांव व आसपास क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। तपस्वी बाबा दिवाली नाथ ने यह तपस्या विश्व शांति, समाज की समृद्धि खुशहाली एवं स्वच्छ पर्यावरण को समर्पित बताया। श्रद्धालुओं से और खासकर युवाओं से आह्वान किया है कि वो नशे से दूर रहें। वर्तमान में हमारी युवा पीढ़ी नशे की ओर अग्रसर हो रही है और उनको समाजवाद देश हित में बचाने का कर्तव्य समाज के हर प्रबुद्ध नागरिक का बनता है।
महंत ने युवाओं से कहा कि वो पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी हिंसा लें। धाम में पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और श्रद्धालुओं ने दादा गुसाई नाथ मंदिर में प्रसाद चढ़ाकर और धौक लगाकर अपने सुखमय जीवन के लिए मन्नतें मांगी एवं क्षेत्र में अमन शांति की कामना की। धाम में लगा मेला श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा और महिला श्रद्धालुओं ने खरीददारी की। कार्यक्रम की खासियत यह रही की इसमें महिला श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक रही। इस मौके पर क्षेत्र के समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी महावीर सिंह चहल गोकलपुरा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आज के युग में मोबाइल फोन को सबसे बड़ा और खतरनाक नशा बताया। चहल ने आगे कहा की मोबाइल फोन का इस्तेमाल सिर्फ बातचीत करने और वैधानिक स्तर तक ही करें और बच्चों को तो इस मोबाइल की बीमारी से दूर रखें ही रखें। चहल ने शिक्षा को सबसे बड़ी तपस्या और विद्यालय को दुनिया का सबसे बड़ा शिवालय बताया है। इस मौके पर दिवाली नाथ के गुरु योगी केदारनाथ, योगी ओंकारनाथ, योगी सोमनाथ, मंगलनाथ योगी, तुरंत नाथ, योगी तेजनाथ, योगी संत छतरनाथ, बालाजी धाम गोकलपुरा के महंत बलबीर गिरी, अशोक सिलायच गोकलपुरा एवं आसपास क्षेत्र के काफी भक्तजन मौजूद थे।



