बादल हुसैन
नई दिल्लीः दिल्ली में कबूतरों की बढ़ती आबादी चिंता बढ़ा रही है, इसके चलते कई स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां जन्म ले रही हैं, इस कारण दिल्ली नगर निगम MCD कबूतरों को दाना डालने वाले जगहों पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद लोग बाज नहीं आ रहे हैं। और बेफिक्र होकर कबूतरों को दाना डाल रहे हैं।लोगों का मानना है कि धार्मिक आस्था वास्तु शास्त्र के अनुसार शुभ है और पुराने रिवाजों से जुड़ा है, जबकि MCD ने स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए हैं। लोग मानते हैं कि यह पुण्य का काम है और वे इसे छोड़ना नहीं चाहते हैं। जब कबूतरों को दाना डालने आए लोगों से बातचीत की तों उनका कहना था कि ये ग़लत है वो लोग कई साल से कबूतरों को दाना डाल रहे हैं और उन्हें किसी तरह की कोई बीमारी नहीं हुई, प्रदूषण पर सरकार के रुख का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार प्रदूषण के मामले में कुछ नहीं कर रही और इन बेजुबानों का खाना डालने पर रोक लगा रखा है। इस फैसले से दाना बेचने वाले काफी नाराज़ हैं,उनका कहना है कि उनके पेशे बंद हो गया है, और घर चलाना मुश्किल हो रहा है। हालांकि की दिल्ली के विभिन्न चौक चौराहा पर लोग अभी भी कबूतरों को दाना डाल रहे हैं, जहां यह एक बड़ी समस्या बन गई है।इस कड़ी में एमसीडी ने सख्त कार्रवाई करते हुए पांच लोग पर जुर्माना भी लगाया है। कश्मीरी गेट, तिब्बत मार्केट,और ईदगाह गोलचक्कर पर कबूतरों को दाना डालने पर 200 से 500 रूपये तक का चलन शुरू कर दिया है।अब तक पांच लोगों को चलान भेजा जा चुका है। संबंधित अधिकारी ने बताया कि सड़क पर गंदगी फैलाने से शहर की धवि खराब होती है और कबूतरों के मल से बीमारियां भी फैलती है। उन्होंने बताया कि अभी तक पांच चलान लोगों के घर भेजे गए हैं। यह व लोग हैं जो अपने वाहन से आते हैं और जहां मौका लगता है वहीं पर पक्षियों को दाना डाल देते हैं।इन वाहनों के नंबर वहां मौजूद निगम कर्मचारी फोटो समेत अपने पास रख लेता है और फिर वाहन संख्या के आधार पर ट्रौफिक पुलिस की मदद से वाहन मालिक का पता लगाकर चालान घर भेजा जा रहा है।उनको तय तारीख पर निगम कार्यालय में आकर चलान का भुगतान करना होगा।
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