“60 वर्षीय जादूगोड़ा के मेहनती शिल्पकार “

सौरभ कुमार,दैनिक समाज जागरण,संवाददाता,झारखंड

जमशेदपुर (झारखंड) 11 अगस्त 2025:–रामचंद्र भगत तस्वीर में दिख रहे 60 साल के मेहनती कलाकार का यही नाम है। अनेक वर्षों से जादूगोड़ा एवं जादूगोड़ा के आस-पास जितने भी पूज्य स्थलों,अनुष्ठानों में मिट्टी से बनी प्रतिमा पूजा पंडाल में हम देखते हैं ज्यादातर प्रतिमा का निर्माण इन्हीं ने किया होता है। जादूगोड़ा क्षेत्र में मोड चौक के समीप राज्यकृत उच्च विद्यालय के ठीक बगल में इनका कार्यशाला है। आसनबनी के क्षेत्र के कोगदा गांव में जन्मे, यह कलाकार बचपन से ही मूर्ति निर्माण करने का कार्य कर रहे हैं। बचपन में पड़ोसी परिवार को प्रतिमा बनाते देखा, फिर मूर्ति निर्माण की कला को देखकर प्रभावित हो गए। ठीक उसके बाद ही कलाकारों के साथ मिलकर मूर्ति निर्माण करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे कार्य सीखकर आज खुद अपने पुत्र के साथ मिलकर मिट्टी से बने सुंदर प्रतिमा बनाने का निर्माण कर रहे हैं। रामचंद्र भगत के पुत्र बताते हैं कि वह अपने पिता के चरित्र से वे काफी प्रेरित हैं,उनके पिता काफी मिलनसार एवं हंसमुख है। वह अपने पिता से यह कार्य सीख कर अपने पिता जैसा बनना चाहते हैं। रामचंद्र भगत कहते हैं कि वे मूर्ति बनाने से पहले और बाद में इसकी पूजा भी करते हैं,ज्यादा आमदनी के निस्वार्थ भाव से मूर्ति का निर्माण कर रहे हैं एवं ग्राहकों के सेवा में लगे हैं। दशहरा उत्सव के लिए एक विशेष इनकी टीम मूर्ति तैयार करती है। इस बार दुर्गा पूजा के लिए उन्हें चार कमेटियों से मूर्ति का आर्डर दिया गया है। इसके अलावा मां मनसा पूजा, श्री गणेश पूजा के लिए भी अलग-अलग कमेटियों ने इन्हें प्रतिमा बनाने का कार्य दिया है। बातचीत के क्रम में रामचंद्र भगत बताते हैं कि इस बार उन्हें काली पूजा के लिए 12 फीट लंबी ऊंची प्रतिमा का आर्डर मिला है। एवं राखा माइंस कमेटी के द्वारा मां मनसा पूजा के लिए खूबसूरत एवं बड़ी मूर्ति का भी आर्डर मिला है। जिसको बनाने के लिए मजदूर दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

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