61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 का भव्य उद्घाटन


14–18 फरवरी 2026 | इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा

दिल्ली/एनसीआर, 13 फरवरी 2026 – हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) द्वारा आयोजित 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 का आज इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में भव्य प्रील्यूड एवं उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ।
मुख्य अतिथि माननीय केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने दीप प्रज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया और भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए EPCH के प्रयासों की सराहना की।



सरकार का लक्ष्य—कारीगर की आय ₹5 लाख वार्षिक तक पहुँचे
उद्घाटन समारोह में संबोधित करते हुए श्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार हस्तशिल्प क्षेत्र के व्यवस्थित विकास और देशभर के कारीगरों के कल्याण को लेकर प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया—

सरकार का लक्ष्य है कि हर कारीगर सालाना ₹5 लाख आय अर्जित करने में सक्षम हो।

40 नए वैश्विक बाजारों को लक्ष्य किया गया है।

आने वाले समय में ₹60,000 करोड़ का निर्यात लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद है।
उन्होंने डॉ. राकेश कुमार की भूमिका की विशेष सराहना करते हुए उन्हें “स्वयं में एक शक्ति” बताया।

उद्घाटन में उपस्थित प्रमुख गणमान्य
कार्यक्रम में EPCH और IEML के कई शीर्ष पदाधिकारी एवं उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख हैं–
डॉ. नीरज खन्ना, अध्यक्ष, EPCH;
डॉ. राकेश कुमार, अध्यक्ष, IEML;
श्री अवधेश अग्रवाल, मुख्य संयोजक;
श्री मोहित चोपड़ा, प्रेसिडेंट, IHGF Delhi Fair – Spring 2026;
श्री आनंद जलान, उपाध्यक्ष;
तथा COA सदस्य और देशभर के अग्रणी निर्यातक।

EPCH: वैश्विक सोर्सिंग का भरोसेमंद मंच
EPCH अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि सरकार के निरंतर समर्थन के कारण भारतीय हस्तशिल्प की अंतरराष्ट्रीय पहुँच लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने बताया—

हर संस्करण नए खरीदार संबंधों और व्यापार अवसरों को जन्म देता है।

भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, डिज़ाइन उत्कृष्टता और विश्वसनीयता ने विदेशी खरीदारों का भरोसा मजबूत किया है।

इंडिया एक्सपो सेंटर—900 स्थायी मार्ट शोरूमों से सुसज्जित
IEML अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि

यह मेला देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित व्यापार आयोजनों में से एक है।

900 स्थायी मार्ट शोरूम विदेशी खरीदारों को वर्षभर सोर्सिंग का अवसर देते हैं।

यह मंच कारीगरों की विशिष्ट कारीगरी और उद्यमशीलता को वैश्विक पहचान देता है।

बदलते बाज़ार के अनुरूप भारतीय प्रदर्शक पूर्णतः तैयार
मुख्य संयोजक श्री अवधेश अग्रवाल ने कहा कि
भारतीय प्रदर्शक अब सस्टेनेबिलिटी, डिजिटल इंटीग्रेशन, वैल्यू-एडेड डिज़ाइन्स और समकालीन ट्रेंड्स को अपनाते हुए भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

प्रेसिडेंट श्री मोहित चोपड़ा ने कहा—
“हम व्यवसाय के लिए तैयार हैं! प्रील्यूड यह दर्शाता है कि औपचारिक उद्घाटन से पहले ही पूरी व्यवस्था खरीदारों के स्वागत हेतु तैयार है।”

खरीदारों के लिए आकर्षण: विविध और भविष्य-उन्मुख कलेक्शंस
उपाध्यक्ष श्री गौतम नथानी ने बताया कि इस बार खरीदारों को मिलेगा—

हाउसवेयर, टेबलवेयर, लाइटिंग, फर्निशिंग

फेस्टिव डेकोर, फैशन एक्सेसरीज़

आधुनिक व फ्यूचरिस्टिक तत्वों से सुसज्जित उत्पाद

पारंपरिक सामग्रियों का नये रूप में मिश्रण

श्री आनंद जलान ने इसे भारत की युवा कार्यशक्ति की रचनात्मक क्षमता का प्रतीक बताया।

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय हस्तशिल्प का दम
EPCH के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने कहा कि—

भारतीय हस्तशिल्प क्षेत्र परंपरा + नवाचार का सशक्त मिश्रण है।

इको-फ्रेंडली इनोवेशन, डिजिटल रेडीनेस और सस्टेनेबिलिटी इस संस्करण के मुख्य आकर्षण हैं।

इस वर्ष 109 देशों के खरीदार आने की पुष्टि कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में कुल हस्तशिल्प निर्यात ₹33,123 करोड़ रहा।

निष्कर्ष
आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 न केवल भारत की कारीगरी और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत के लिए भारत के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने का एक सशक्त मंच भी है।
मेले का यह संस्करण एक बार फिर “मेड इन इंडिया” की वैश्विक पहचान को मजबूत करने के लिए तैयार है।

61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग
61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग
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