दैनिक समाज जागरण 24.04.2025 जिला संवाददाता चांद कुमार लायेक पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर
आज की तकनीकी दुनिया इतनी उन्नति कर चुकी है कि हर रोज कोई न कोई नया सॉफ्टवेयर का इजात हो रहा है। जो न सिर्फ लोगों की जीवनशैली को बेहतर बना था है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी नए रास्ते खोल रहा है। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका इस्तेमाल करके सॉफ्टवेयर डेवलपर्स उच्च गुणवत्ता वाले सॉफ्टवेयर का निर्माण करते हैं। एस डी एल सी के 7 चरण होते हैं और 4 मॉडल होते हैं।
जमशेदपुर के पोखारी स्थित नेताजी सुभाष विश्विद्यालय में बड़े ही शानदार तरीके से 3 दिवसीय “सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल” वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप की शुरुआत 22 अप्रैल से हुई और 24 अप्रैल को इसका समापन हुआ। वेंचरिंग डिजिटली प्राइवेट लिमिटेड ने इस वर्कशॉप का संचालन किया। इस वर्कशॉप में बी सी ए, बी टेक और एम सी ए विभाग के छात्र शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत माननीय अतिथियों द्वारा दीप पप्रज्वलन के साथ विधिवत रूप से किया गया। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के छात्रों ने गणेश वंदना पर नृत्य प्रस्तुत किया । इसके पश्चात, इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वेंचरिंग डिजिटली प्राइवेट लिमिटेड के सह संस्थापक और सी एम ओ निखिल शर्मा, फुल स्टैक डेवलपर रविश कुमार, डेटा विश्लेषक बिपुल हालदार, डेव ओपस इंजीनियर रजत कुमार एवं प्रशिक्षण समन्वयक मोनाली मोहंती को सम्मानित किया गया। निखिल शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “तकनीकी उन्नति हमारे देश एवं पूरे विश्व के विकास का एक अनूठा रास्ता है”। इसके पश्चात छात्रों को सॉफ्वेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल के विषय में बताया गया। इस वर्कशॉप में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में करियर के स्कोप को लेकर भी भी चर्चा हुई।
नेताजी सुभाष विश्विद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. डॉ. पी. के. पाणि ने छात्रों को संबोधित किया और कहा “जीवन में ऐसे वर्कशॉप्स से कईं महत्वपूर्ण बातें सीखने को मिलती है और स्किल्स भी डेवलप होते हैं”।
कुलपति प्रो. डॉ. पी. के. पाणि, प्रतिकुलपति प्रो. डॉ. आचार्य ऋषि रंजन, कुलसचिव नागेंद्र सिंह, प्रशासनिक विभाग के अनुष्ठाता नाजिम खान, शैक्षणिक विभाग के अधिष्ठाता प्रो. दिलीप शोम, आईटी विभाग के अधिष्ठाता, प्रो. डॉ. रंजन मिश्रा, विभिन्न विभागों के विभागाध्याक्ष और संकाय सदस्यों ने अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
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