सुनील बाजपेई
कानपुर। यहां एक वकील का मुंशी फांसी पर लटक गया । उसने आत्महत्या की इस घटना को कचहरी परिसर में अधिवक्ता के चैंबर के बाहर लगी रेलिंग के सहारे अंजाम दिया। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना की वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है । पुलिस मामले की जांच में लगी है।
घटना के बारे में प्राप्त विवरण के मुताबिक हरबंश मोहाल दानाखोरी निवासी 39 वर्षीय आदित्य विक्रम शर्मा अधिवक्ता मयंक गोयल के यहां 15 साल से मुंशी का काम कर रहे थे। परिवार में बड़ा भाई राम विक्रम शर्मा, अभिजीत विक्रम व एक शादीशुदा बहन गीतांजलि है।
वहीं दूसरी ओर मौके पर पहुंची पुलिस को भाई अभिजीत ने बताया कि रविवार शाम आदित्य कुछ देर में घर आने की बात कहकर निकले थे, इसके बाद वह घर नहीं आए। इसी के बाद आदित्य के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की जानकारी मिली।
उसे सबसे पहले फांसी पर लटके हुएएक चायवाले ने देखा था , जिसके बाद उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। परिजनों के मुताबिक आदित्य पिछले तीन दिनों से किसी बात को लेकर काफी परेशान थे, लेकिन यह वजह क्या थी । इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच की जा रही है।
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