न कभी हिसाब, न आडिट
उमरिया — उमरिया जिले के धार्मिक नगरी मानी जाने वाली बिरसिंहपुर पाली में पिछले 35 वर्षों से चल रही मानस गायन प्रतियोगिता के नाम पर अकूत धन राशि बटोरने और उसमें आर्थिक अनियमितता के आरोप लगाये जा रहे हैं। बताया जाता है कि इस मानस प्रतियोगिता में तथाकथित कमेटी के पदाधिकारियों की मनमानी चरम पर बनी हुई है। बताया जाता है कि चंदे के इस खेल में कमेटी के ही कतिपय लोग हाथ फेरते नजर आ रहें हैं। बताया जाता है कि हर वर्ष रामायण कमेटी के व्दारा चंदा इकट्ठा किया जाता है और उसे मनमानी पूर्वक व्यय बता कर रफा दफा कर दिया जाता है। रामायण कमेटी के कतिपय पदाधिकारी काल नेमि के तर्ज पर अपने मकसद मे दिन प्रतिदिन सफल हो रहे हैं।
बिरासनी मंदिर प्रांगण में संपन्न होने वाली इस प्रतियोगिता में निशुल्क स्थल, नि शुल्क बिजली, पानी, और दान दाताओं से पुरस्कार लेकर बाट देती है, फिर लाखो रूपयों का एकत्रित चंदा आखिर कार क्या चाय, प्रसाद मे ही निपटा दिया जाता है। यह सवाल न सिर्फ हर एक को परेशान कर रखा है, साथ ही इसको लेकर रामायण कमेटी पर अब तीखे आरोप भी लग रहे हैं। सच्चाई चाहे जो हो, लेकिन अगर धुंआ निकलना शुरू हुआ है तो आग जरुर होगी । इसलिए वास्तविकता के लिए रामायण कमेटी के खाते की जांच होनी चाहिए। इस संदर्भ में पूर्व में सूचना अधिकार के तहत जानकारी भी चाही गयी थी, जिसे प्रशासन के नुमाइंदो ने देना उचित नहीं समझा, जिससे लोगों के बीच तरह तरह की आंशकाये बढती जा रही है। लोगों ने समाचार के माध्यम से रामायण कमेटी की मांग की है, जो जन हित में उचित होगी
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