मोजर बेयर पावर प्लांट प्रबंधन दिन – प्रतिदिन निरंकुश और तानाशाह होते जा रहा है जिसके कारण औद्योगिक विवाद बढ़ते ही जा रहा है । प्रभावित खातेदार अतिक्रामक एवं स्थानीय लोगों को किसी न किसी प्रकार के विवादों में उलझा कर उनको नौकरी से पृथक कर दिया जाता है । जिसके कारण शांतिप्रिय मजदूर न्याय की आस में न्यायालय का दरवाजा खटखटाता है, किंतु मोजर बेयर पावर प्लांट प्रबंधन पुनर्वास एवं श्रम कानून को अपने पांव से रौंदते हुए औद्योगिक विवाद को बढ़ावा दे रहा है।
कानून के जिम्मेदार अधिकारी इन निरंकुश और तानाशाह प्रबंधन के खिलाफ किसी प्रकार का कोई कार्यवाही कर पाने में एवं कानून का हिफाजत करने में अभी तक अक्षम साबित हुआ है जिसके कारण प्रबंधन का मनोबल कानून को उजाड़ने में लगातार बढ़ता जा रहा है ।
उक्त आशय की जानकारी संयुक्त ठेकेदारी मजदूरी यूनियन सीटू के अध्यक्ष जुगुल किशोर राठौर ने देते हुए बताया कि आज दिनांक 3 फरवरी 2026 को राधाबाई पति खेमलाल का औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत चर्चा वार्ता श्रीमान श्रम पदाधिकारी के यहां आमंत्रित किया गया था किंतु लगातार प्रबंधन के द्वारा श्रम कानून का धज्जियां उड़ाई जाकर चर्चा वार्ता को असफल करवा करके औद्योगिक विवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है ।
जुगल किशोर राठौर का कहना है कि भू -अर्जन के समय भू अर्जन अधिकारी एवं पुनर्वास अधिकारी के द्वारा तमाम प्रकार के वायदा किये गये हैं किन्तु स्थानीय लोगों प्रभावित खातेदारों एवं अतिक्रामकों को नौकरी सहित तमाम प्रकार की सुविधाओं के लिए दर दर ठोकरें खाने को मजबूर हो रहे हैं। और वहां पर कानून के हाथ सिकुड़ जाते हैं और कानून को उजाड़ने वाले है हठधर्मी प्रबंधन भारी पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है । परिणाम दर्जनों मुकदमा न्याय के आस में लगाए मजदूर लड़ रहा है ।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



