नई दिल्ली, 20 नवंबर 2025:
संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच, नई दिल्ली के तत्वावधान में 12वां राष्ट्रीय अधिवेशन एवं हिंदू रत्न अवार्ड सम्मान समारोह राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।
यह ऐतिहासिक आयोजन 23 नवंबर 2025, रविवार, को भारत मंडपम, नई दिल्ली (ऑडिटोरियम–1, गेट संख्या 7) में प्रातः 11:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक, दो सत्रों में सम्पन्न होगा।
पहला सत्र (11:00 पूर्वाह्न – 2:00 अपराह्न):
12वां राष्ट्रीय अधिवेशन – महत्वपूर्ण निर्णय एवं वैचारिक मंथन
इस सत्र में हिंदू राष्ट्र की रूपरेखा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा, जिनमें प्रमुख हैं—
- मुद्रा चलन में भगवान श्रीराम और गौ माता का समावेश।
- गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने तथा देशभर में गोचर भूमि संरक्षण का प्रस्ताव।
- यह सिद्धांत कि भारत का वही नागरिक होगा जो हिंदू सनातन संस्कृति में समाहित हो, चाहे वह किसी भी देश में निवास करता हो।
- विश्व पटल पर हिंदू राष्ट्र की दिशा पर विस्तृत वैचारिक संगोष्ठी।
- भारत में गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था और गुरुकुल विश्वविद्यालय निर्माण पर विमर्श।
मंच के अंतरराष्ट्रीय प्रभारी डॉ. परविंदर सिंह (अमेरिका) द्वारा हिंदू चिंतन के वैश्विक आयामों पर मार्गदर्शन।
साथ ही, सरकार की विभिन्न सलाहकार समितियों में मंच के प्रतिनिधित्व तथा प्रशासनिक सेवा से जुड़े हिंदू समाज के सदस्यों की भूमिका पर भी महत्वपूर्ण चर्चा होगी।
दूसरा सत्र (3:00 अपराह्न – 6:00 अपराह्न):
हिंदू रत्न अवार्ड – राष्ट्र निर्माण में योगदान का सम्मान
दूसरे सत्र में देशभर से विभिन्न क्षेत्रों में अतुलनीय हिंदू राष्ट्र निर्माण एवं सांस्कृतिक मार्गदर्शन प्रदान करने वाले चयनित व्यक्तित्वों को नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की घोषणा पूर्व में ही की जा चुकी है।
यह अधिवेशन हिंदू राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक निर्णायक एवं ऐतिहासिक कदम है।



